महिला अस्पताल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर हुए नवजात ।
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हरिद्वार। एक तरफ लोग भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां मना रहे थे तो दूसरी ओर ऐसे माता-पिता फूले नहीं समा रहे थे जिनके घर जन्माष्टमी के दिन संतान पैदा होने पर किलकारी गूंज उठी। कोई उन्हें कान्हा कह रहा था तो कोई योगमाया। जन्माष्टमी के दिन नर्सिंग होम्स में दो दर्जन से अधिक बालक-बालिकाओं ने जन्म लिया।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व कई परिवारों के लिए यादगार रहा। हो भी क्यों न क्योंकि कई के घरों में कान्हा की किलकारी गूंजी, तो कुछ के घरों में योगमाया ने जन्म लिया। जिला महिला अस्पताल में रविवार की रात 12 बजे से सोमवार की शाम छह बजे तक छह कान्हा और छह योगमाया ने जन्म लिया। परिजनों ने बच्चों के जन्मोत्सव पर मिठाई बांटी। वहीं निजी अस्पतालों में भी बच्चों की किलकारी गूंजती रही। घर के आंगन में जन्माष्टमी के दिन बच्चों की किलकारी गूंजने से परिवारों में खुशी का माहौल बना हुआ है। बच्चों की माताओं और दादा-दादी ने उनके नाम भी कान्हा और राधा के नाम पर रखने का मन बना लिया है। शाम छह बजे तक 12 बच्चों ने जिला महिला अस्पताल में जन्म लिया।