राजाजी टाइगर रिजर्व की ओर से मिठावाली तक तो किसी तरह से कर्मचारियों से ठीक करा लिया गया, लेकिन इससे आगे पहाड़ी क्षेत्र पर बने ट्रैक को जंगल सफारी के लिए ठीक नहीं किया गया। इसके कारण चीला रेंज प्रशासन की ओर से गेट से करीब 18 किलोमीटर मिठावाली तक ही पर्यटकों को जंगल सफारी कराई जा रही है।
40 हजार के बजट के भी लाले
राजाजी की चीला रेंज के ट्रैक को ठीक करने के लिए जेसीबी और अन्य श्रमिकों को लगाया जाता है। इसके लिए महज 20 से चालीस हजार रुपये का बजट की आवश्यकता पड़ती है। जिसमें पहाड़ी पर बने ट्रैक को सही करके राउंड में जंगल सफारी हो जाती है, लेकिन राजाजी की ओर से यह बजट भी जारी नहीं किया गया।
जबकि चीला रेंज में लगाए गए शुल्क से लाखों रुपये की कमाई राजाजी की होती है। बावजूद इसके सुविधा शुल्क वसूलने के बाद भी सैलानियों को जंगल सफारी की पूरी सेवा नहीं देने के लिए कदम नहीं उठाया गया।
कोरोना संक्रमण के कारण बजट नहीं मिल सका था, मगर अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही बजट जारी हो जाएगा। इससे ट्रैक का ठीक कराकर दिसंबर से राउंड में पूरी जंगल सफारी करानी शुरू करा दी जाएगी।
- अनिल पैन्यूली, रेंजर, चीला रेंज