स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर इस बार फीडबैक लेने में नगर निगम भले ही किसी तरह अव्वल आ गया हो, लेकिन सफाई व्यवस्था में अभी भी पिछड़ा हुआ ही है। यह साबित करने के लिए शहर में कई जगह लगे कूड़े के ढेर काफी हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगर निगम ने पिछले दिनों जिस तरह से फीडबैक लेने में दिलचस्पी दिखाई यदि उतनी ही सफाई के प्रति सक्रियता दिखाई होती तो धरातल पर तस्वीर कुछ अलग होती। पार्षदों के साथ आम लोगों को गंदगी को लेकर मुखर नहीं होना पड़ता।
ज्वालापुर में चौहानान, मेन रोड और कोतवाली के समीप कूड़े के अंबार लग रहे हैं। भगत सिंह चौक के पास, टिबड़ी, पुराना औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही कनखल, उत्तरी हरिद्वार और हरकी पैड़ी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुधरने के बजाय बिगड़ रही है। यह हालात तब हैं, जब नगर निगम ने दो-दो कंपनी कासा ग्रीन और केएल मदान से अनुबंध कर रखा है। दो कंपनियों के कूड़ा उठाने के कार्य करने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है। जगह-जगह गंदगी पसरी होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। दूसरी स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर तरफ करीब 25 हजार लोगों का फीडबैक नगर निगम ले चुका है।
क्या कहते हैं लोग
पिछले दिनों मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया था कि नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण फीडबैक में अव्वल आया है। लेकिन, सफाई व्यवस्था में भी तो अव्वल होना चाहिए। सफाई व्यवस्था तो कहीं भी सही ढंग से ठीक नहीं हो पाई है।
- पंकज कुमार
शहर में सफाई तो समय से हो जाती है। लेकिन, समय पर कूड़ा नहीं उठता है। अपर रोड और हरकी पैड़ी क्षेत्र में तो हाल ही खराब रहता है। इस तरफ अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। केवल फीडबैक में अव्वल आने से कुछ नहीं होगा।
- संदीप गुप्ता
ज्वालापुर में सफाई व्यवस्था आज भी बदहाल है। मुख्य मार्ग पर ही किनारे में कूड़े के अंबार लगे रहते हैं। जबकि अंदर गलियों का तो हाल ही बुरा रहता है। कोई देखने और सुनने वाला नहीं है।
- फैजान अंसारी
सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। हमारे पास फीडबैक लेने कोई नहीं आया। यदि कोई आता भी तो सफाई व्यवस्था का ठीक न होने का फीडबैक देते। सफाई व्यवस्था जब पूूरी तरह से ठीक नहीं है तो लोगों ने कैसे सफाई के प्रति अच्छा फीडबैक दे दिया। ये चिंता का विषय है।
- मदन मोहन
सफाई व्यवस्था को सुुधारने के लिए लगातार अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कई क्षेत्रों से कूड़ा न उठने की शिकायतें मिली। जिसके बाद कासा ग्रीन और केएल मदान कंपनी को हटाने के लिए नगर आयुक्त को निर्देशित किया गया था।
- अनीता शर्मा, मेयर हरिद्वार