प्रशिक्षण में मौजूद नए फॉरेस्ट गार्ड ।
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नए फॉरेस्ट गार्ड को मानव-वन्य जीव संघर्ष रोकने के गुरु सिखाने दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया। प्रशिक्षण में देहरादून से ऑनलाइन फॉरेस्ट गार्ड को टिप्स दिए गए।
पिछले साल दिसंबर में शासन की ओर से कराई गई भर्ती में नए फॉरेस्ट गार्ड राजाजी टाइगर रिजर्व में भी भेजे गए हैं। इन नए फॉरेस्ट गार्ड को अभी वन्य जीवों और जंगल के बारे में कोई खास जानकारी नहीं है। इसलिए इन फॉरेस्ट गार्ड को अभी जंगलों में ड्यूटी नहीं दी जा रही है। इनसे कार्यालयों में ही काम लिया जा रहा या फिर किसी वरिष्ठ फॉरेस्ट गार्ड व अधिकारी की देखरेख में उनसे काम लिया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को चीला में हरिद्वार, चीला, गौहरी, रवासन, मोतीचूर रेंज के 40 नए फॉरेस्ट गार्ड का प्रशिक्षण शुरू किया गया। राजाजी टाइगर रिजर्व के डॉयरेक्टर अखिलेश कुमार तिवारी ने ऑनलाइन कर्मचारियों को जंगली जानवरों के व्यवहार और उन पर कैसे काबू पाया जा सकता था। उसकी विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
राजाजी टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. राकेश नौटियाल ने जंगली जानवरों को होने वाली बीमारियों के बारे में अवगत कराया। साथ ही जंगली जानवरों को कैसे बीमारियों की चपेट में आने से बचाया जा सकता है। इसके बारे में भी फॉरेस्ट गार्ड को बताया। इस मौके पर चीला रेंजर अनिल पैन्यूली, रवासन रेंजर प्रमोद ध्यानी आदि मौजूद रहे।