हरिद्वार। मेयर अनीता शर्मा ने शहरी विकास विभाग के सचिव को पत्र भेजकर अमृत योजना से जल निकासी के लिए बनाए गए नालों में हुई अनियमितताओं की जांच की मांग की है। कहा कि चंद्राचार्य चौक पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी जब जल निकासी के लिए पंपिंग सेट लगाए जा रहे हैं तो फिर नाला बनाकर फायदा क्या हुआ है।
उन्होंने पत्र में बताया कि शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे चंद्राचार्य चौक पर जलभराव की समस्या समेत शहर में निकासी नाला बनाने के लिए अमृत योजना से लगभग 32 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था। इसमें लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से चंद्राचार्य चौक पर भी नाले का निर्माण किया गया था। इससे लोगों को जल निकासी से मुक्ति मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन नाला निर्माण में अनियमितताएं कर उसे सही ढंग से नहीं बनाया गया है। कुछ विशेष लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नाला निर्माण में अनियमितताएं कर सरकारी धन की बर्बादी कर दी गई। इससे पहले जैसे जल निकासी के लिए पंपिंग सेट लगाने पड़ते थे, वे अब भी क्यों लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में साफ है कि नाला बनाने का कोई फायदा नहीं हुआ है। इसके अलावा कुछ नाले क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। नालों पर रखे लोहे के स्लैब उखड़ गए हैं। नालों का ढलान सही न होने के कारण जलभराव की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है, इसलिए निर्माण कार्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। जब तक जांच पूरी न हो, तब तक भुगतान जारी न किया जाए। अनियमितताएं मिलने पर सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के वेतन और ठेकेदार से रिकवरी की जाए।
मेयर ने शहर में साफ-सफाई के दिए निर्देश
हरिद्वार। मेयर अनीता शर्मा ने शहर में हर रोज साफ-सफाई कराने के निर्देश नगर आयुक्त को दिए हैं। कहा कि साफ-सफाई ठीक से करके शहर में संक्रमण फैलने से रोका जाए।
नगर आयुक्त को दिए पत्र में उन्होंने कहा कि सात जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शहर में आए थे। इस दौरान पूरे शहर में चकाचक साफ-सफाई की गई थी, लेकिन उनके जाने के बाद साफ-सफाई में लापरवाही शुरू कर दी गई। कहा कि हर दिन साफ-सफाई उसी तरह से की जाए, जिस तरह से मुख्यमंत्री के आगमन पर पूरे शहर में की गई थी ताकि शहर में आने वाले देशभर के पर्यटकों में भी अच्छा संदेश जा सके। संवाद