भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना काटारिया के घर के बाहर आतिशबाजी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को जिला न्यायालय से जमानत मिल गई है। आरोपियों की पैरवी अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने की है।
सिडकुल थाना क्षेत्र के गांव रोशनाबाद निवासी भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया के घर के बाहर असामाजिक तत्वों ने उस समय पटाखे फोड़े जब जब भारतीय टीम ओलंपिक में अर्जेंटीना की टीम से हार गई थी। जिसके बाद पुलिस दो सगे भाइयों विजयपाल को बृहस्पतिवार को और अंकुर पाल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। शनिवार को तीसरे आरोपी सुमित चौहान को भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। इस मामले में जिला जज विवेक भारती शर्मा की अदालत में पहले विजयपाल की जमानत अर्जी दाखिल की गई। जिसमें विजयपाल के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वंदना कटारिया की तरह आरोपी विजयपाल भी हॉकी खिलाड़ी हैं और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का विद्यार्थी हैं।
दोनों परिवारों में पुरानी रंजिश चली आ रही है। एक दूसरे के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं। उसी मुकदमे में दबाव बनाने के गलत आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही शनिवार को अंकुर पाल और सुमित चौहान की जमानत पर सुनवाई हुई। सरकारी अधिवक्ता ने जमानत का पुरजोर विरोध करते दलील दी कि आरोपियों ने एक राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी के परिवार के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला जज विवेक भारती शर्मा ने आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।