प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों और समय से उपचार न मिलने पर होने वाली मौतों को लेकर सरकार ने प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसमें घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति (गुड सेमेरिटन) को बतौर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस संबंध में परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों को पत्र भेजकर योजना का प्रचार प्रसार करने को कहा है, ताकि इससे घायलों को उपचार को जल्द अस्पताल पहुंचाने व उनकी जान बचाने को लोग आगे आएं।
आरटीओ प्रशासन मनीष कुमार तिवारी ने बताया कि योजना का उद्देश्य है कि आम नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रेरित हों, जिससे सड़क हादसों में घायलों को समय से उपचार न मिलने से होने वाली मौतों के ग्राफ को कम करना है। उन्होंने बताया कि यदि नेक आदमी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को दुर्घटना घटित होने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाता है तो वह इस योजना में पुरस्कृत किए जाने का पात्र होगा। गंभीर घायल से तात्पर्य ऐसे मामलों से हैं, जिनमें बड़ा आपरेशन होना या कम से कम तीन दिन अस्पताल में भर्ती होने के अलावा मस्तिष्क की चोट, रीढ़ की हड्डी की चोट के इलाज से है।
उन्होंने बताया कि योजना में नेक व्यक्ति को एक वर्ष में अधिकतम पांच बार पुरस्कृत किया जा सकता है। यह प्रोत्साहन राशि नकद उपलब्ध दी जाएगी। यदि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक से अधिक नेक व्यक्ति सहायता प्रदान करते हैं तो पुरस्कार धनराशि उनमें बराबर बराबर बांट दी जाएगी। यदि किसी दुर्घटना में एक से अधिक घायल व्यक्तियों को एक से अधिक व्यक्ति अस्पताल पहुंचाते हैं तो प्रत्येक को अलग-अलग धनराशि दी जाएगी। पुरस्कार धनराशि के अतिरिक्त उन्हें प्रशस्तिपत्र भी प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर चयनित दस नेक व्यक्ति को बड़े पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कृत करने का निर्णय डीएम की अध्यक्षता में गठित मूल्यांकन समिति करेगी। इसमें एसएसपी, सीएमओ, एआरटीओ प्रवर्तन सदस्य होंगे।