एसडीएम पूरण सिंह राणा ने वनाधिकार के लिए एक सप्ताह में दावे प्रस्तुत करने का समय दिया। उन्होंने कहा कि तथ्य आधारित दावे मिलने पर लाभार्थियों को वनाधिकार का लाभ दिया जाएगा।
तहसील हरिद्वार में अनुसूचित जाति और अन्य परंपरागत वन निवासी वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत हुई बैठक में वनों में रहने वाले वन गुर्जरों की समस्याओं और उन्हें मूलभूत आवश्यकताओं से जोड़े जाने के संबंध में चर्चा की गई। ग्रामीण अमीचंद ने खता चिड़ियापुर रेंज के कुल 19 दावे और ग्राम सिम्मल स्रोत रसियाबड रेंज के 102 दावे प्रस्तुत कर वनाधिकार मांगे, जो वनाधिकार पर विचार को रख लिए गए।
ग्राम नोकी दासोवाली श्यामपुर रेंज के दावे अपूर्ण होने के कारण प्रस्तुत नहीं किए गए। दावे पूर्ण कर प्रस्तुत किए जाने के लिए वन ग्राम के सदस्यों की ओर से एक सप्ताह के समय की मांग गई। जिसमें उपजिलाधिकारी की ओर से समय देते हुए दावे पूर्ण करने के साथ ही संबंधित ग्रामों की वंशावली बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में वन विभाग से उप प्रभागीय वनाधिकारी खुशाल सिंह रावत, रेंजर विनय राठी, कुलदीप सिंह पंवार, नेम सिंह, सर्वेयर हरीश ध्यानी, सहायक समाज कल्याण अधिकारी शालिनी बलोदी, सहायक विकास अधिकारी राजबीर सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।