धर्मनगरी में श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ी कि होटलों में कमरा मिलना भी मुश्किल हो गया। श्रद्धालु होटलों में कमरा लेने के लिए मुंह मांगे पैसे देने को तैयार थे पर उन्हें कमरे खाली न होने की बात कहकर होटल कर्मचारियों ने लौटा दिया। इधर-उधर भटकने के बाद अधिकांश श्रद्धालु गंगा घाटों की तरफ निकल गए। रात गंगा किनारे ही बिताई।
वीकेंड पर हरिद्वार पहुंचे अधिकांश श्रद्धालु सोमवती अमावस्या स्नान के चलते यहीं रुक गए। जबकि दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब सहित कई राज्यों से लोग रविवार की दोपहर से ही धर्मनगरी में पहुंचने लगे थे। इसके चलते शहर के सभी होटल फुल हो गए। जबकि कुछ लोगों ने पहले ही वेबसाइट से होटलों में बुकिंग करा ली थी।
रविवार की शाम से लेकर रातभर श्रद्धालु होटलों में कमरे लेने के लिए पहुंचते रहे। लेकिन होटल फुल होने से कमरे नहीं मिल सके। कुछ श्रद्धालु होटलों में पहुंचकर मुंह मांगी रकम देने तक के लिए तैयार हो गए। इसके बावजूद उन्हें एक अदद कमरा भी उपलब्ध नहीं हो सका। रातभर इधर से उधर होटलों के चक्कर काटकर थकने के बाद श्रद्धालु हरकी पैड़ी, मालवीय आदि घाटों पर पहुंच गए। जहां उन्होंने पूरी रात बिताई। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष ने बताया कि होटलों में पहले से ही बुकिंग हो चुकी थी। कमरे खाली नहीं थे। इस वजह से अधिकांश होटल संचालकों को श्रद्धालुओं को इंकार करना पड़ा।
धर्मशालाएं फुल पैक
धर्मनगरी की धर्मशालाएं भी श्रद्धालुओं से फुल पैक रही। धर्मशालाओं में भी श्रद्धालुओं को कमरे नहीं मिल सके। यहां भी दो दिन पहले ही श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बुकिंग करा ली थी।
सिफारिश लगवाते रहे श्रद्धालु
होटल और धर्मशालाओं में कमरों की बुकिंग कराने के लिए हरिद्वार में रहने वाले अपने परिचितों से श्रद्धालु सिफारिश लगवाते रहे। लेकिन सिफारिश के बाद भी होटलों में कमरे नहीं मिल पाए।