नए साल के पहले दिन भी आंदोलित वन कर्मचारी मांग पूरी कराने को लेकर धरने पर डटे रहे। कहा कि जब तक डीएफओ का ट्रांसफर नहीं हो जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उत्तराखंड फॉरेस्ट संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले वन कर्मचारी 13 दिसंबर से डीएफओ पर अभद्रता का आरोप लगाकर ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। मांग के लिए वह वन प्रभाग कार्यालय के परिसर में धरना दे रहे हैं। शनिवार को नए साल के पहले दिन कर्मचारी धरनास्थल पर बैठे रहे। कर्मचारियों ने धरनास्थल पर ही नए साल को मनाया। समिति के संयोजक सचिव शेखरचंद्र जोशी ने कहा कि मांग को लेकर यदि सरकार की ओर से शीघ्र ही कोई निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने का फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वन विभाग के साथ ही अन्य विभाग भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसलिए सरकार उनकी एक सूत्री मांग को शीघ्र पूरा कर दे। अन्यथा प्रदेश व्यापी हड़ताल से होने वाले नुकसान का खामियाजा भी सरकार को ही उठाना पड़ेगा। इस मौके पर आशीष उप्रेती, एसएन शर्मा, नरेंद्र कुमार, मयूरी गौतम, राजवीर सिंह, दीपक नेगी, बबीता, हरीश भट्ट, बालम नेगी, दिनेश लखेड़ा, नरेंद्र कुमार, रामकुमार वर्मा, बुरहान अली, पंकज सैनी, अरुण सैनी, अनुज सैनी, सुरेश, गुलफाम, पुष्पा जोशी, किरन रावत, निशा आदि मौजूद रहे।