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कांवड़ यात्रा: कारोबारियों को दे गई बूस्टर डोज

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कोरोनाकाल के दो साल बाद फाल्गुन मास की कांवड़ यात्रा इस बार श्रावण मास की कांवड़ यात्रा जैसी रही। कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा। करीब आठ दिन के कांवड़ यात्रा से धर्मनगरी के कारोबारियों को बूस्टर डोज मिली। इससे धर्मनगरी के कारोबारियों को बड़ी राहत मिली। अब चारधाम यात्रा से भी बेहतर कारोबार की उम्मीद है। कारोबारी अब चारधाम यात्रा की तैयारी में जुट गए हैं।
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कोरोनाकाल में हर तरह के व्यापार को तगड़ा झटका दिया है। धर्मनगरी का पूरा कारोबार ही श्रद्धालुओं पर टिका हुआ है। कोरोना में लगी पाबंदियों के चलते धर्मनगरी का पूरा कारोबार ठप हो गया था। दुकानदार कर्जदार हो गए थे। अब कोरोना का संक्रमण कम होने और पाबंदियां नहीं होने से इस बार फाल्गुन मास की कांवड़ यात्रा ने कारोबार को काफी राहत दी है। 21 फरवरी से शुरू हुई कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़ियों की भीड़ हरिद्वार में उमड़ी। इससे कपड़े से लेकर नग-नगीने, मूर्ति, होटल, रेस्टोरेंट व अन्य दुकानदारों के मुरझाए हुए चेहरों पर चमक आ गई। 21 से 28 फरवरी तक कांवड़ कारीगरों से लेकर फड़ लगाने वाले दुकानदारों ने अपना डेरा जमा लिया था। कांवड़ यात्रा मंगलवार को समाप्त हो गई। इसके साथ ही अब हरिद्वार के दुकानदारों ने चारधाम यात्रा को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालु अपनी यात्रा शुरू करते हैं। संवाद
फाल्गुन मास में पहली बार कांवड़ियों की इतनी भीड़ देखी है। कोरोना काल में जो कारोबार ठप पड़ा था। उसकी भरपाई कुछ हद तक हुई है। चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है।
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- राजू वधावन, मूर्ति विक्रेता, सुभाष घाट
कोरोना काल में काम ना होने से काफी परेशानी हो रही थी। दो साल बाद बिना किसी रोकटोक के शुरू हुई कांवड़ यात्रा ने दुकानदारों को राहत दी है। अब चारधाम यात्रा को लेकर भी ऑर्डर दिया जा रहा है।
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- सुमित चौधरी, कांगड़ा घाट पूजा सामग्री विक्रेता
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