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जितेंद्र नारायण उर्फ वसीम रिजवी चार माह बाद रिहा

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धर्मनगरी के उत्तरी हरिद्वार स्थित वेद निकेतन में हुई धर्मसंसद में अमर्यादित भाषण के मामले में जेल भेजे गए उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी बृहस्पतिवार शाम को अंतरिम जमानत पर जिला कारागार से रिहा हो गए। खास बात यह है कि जितेंद्र नारायण का समर्थन करने वाले कई लोग और संत भी इस दौरान वहां नजर नहीं आए।
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हरिद्वार में खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में 2021 में 17 से 19 दिसंबर तक तीन दिन तक धर्मसंसद हुई थी। आरोप है कि
धर्मसंसद में जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी और कुछ संतों ने एक समुदाय विशेष के खिलाफ मर्यादित भाषण दिया था। यह भाषण तब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। इसके बाद इन वायरल वीडियो के आधार पर कई लोगों ने यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ 23 दिसंबर को हरिद्वार कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद हरिद्वार पुलिस ने उन्हें नारसन बॉर्डर से गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था। जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने की अंतरित जमानत दी है। बृहस्पतिवार को शाम के समय जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की रिहाई का परवाना जिला कारागार रोशनाबाद पहुंचा और उन्हें रिहा कर दिया गया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाए रखी। जेल से रिहा होने के बाद वह रोशनाबाद से हरिद्वार स्थित परशुराम घाट पहुंचे। यहां से वह गाजियाबाद के डासना स्थित देवी मंदिर के महंत एवं जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद के साथ गाजियाबाद रवाना हो गए।
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