गुरुकुल कांगड़ी विवि के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के दयानंद स्टेडियम परिसर में अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस पर संगोष्ठी में खेलों के विकास में भारतीय ज्ञान-विज्ञान के योगदान पर चर्चा हुई। भारतीय हॉकी फेडरेशन के पूर्व कोषाध्यक्ष जयनारायण त्यागी ने कहा कि भारतज्ञान-विज्ञान रूपी संपदा की अभूतपूर्व विरासत है। जीवन को प्रेरणादायक एवं मूल्य परक बनाए रखने के लिए ज्ञान की गौरवशाली परंपराओं को आत्मसात करने की जरूरत है। युवाओं को विशेषकर खिलाड़ियों को इसके महत्व को समझकर लक्ष्य को तय करने में मदद मिलेगी।
शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग प्रभारी डॉ. अजय मलिक ने कहा कि अनुशासित जीवन खेल में जरूरी है। बिना समर्पण भाव पैदा नहीं हो सकता है। विभाग मे एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार चौहान ने कहा कि खेलों में हारने वाले को जीतने के लिए और जीतने वाले को हार का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। हार की स्थिति मनोविकार को जन्म देती है। कार्यक्रम में एमपीएड, बीपीएडऔर बीपीईएस के छात्रों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर डॉ. कपिल मिश्रा, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. प्रणवीर सिंह, कनिक कौशल, संतोष रॉय, अश्वनी कुमार, दीपक प्रकाश, अंकुर ,यशवन्त सिंह, सिकंदर रावत, अरुण कुमार नागर उपस्थित रहे। संचालन कनिक कौशल ने किया।