फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर कुछ महिलाएं पहले दोस्ती का मैसेज भेजती और दोस्त बनाती हैं। मैसेज का रिप्लाई मिलते ही चैटिंग कर अपने जाल में फंसाती हैं। यदि किसी ने गलती से भी प्यार का इजहार कर दिया तो वीडियोकॉल करके अश्लीलता परोसती हैं। अश्लील वीडियोकॉल को सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही हैं। हरिद्वार में युवा ही नहीं कई संत इनके जाल में फंस रहे हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा की डर से कई लोग तो ऐसी महिलाआें के एकाउंट में रकम भी जमा करवा चुके हैं। कई लोगों की ओर से मुकदमे दर्ज कराए हैं।
साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है। ठगी के नए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। आज हर कोई सोशल मीडिया पर एक्टिव है। ठगों ने इसी को अपना हथियार बना लिया है। हसीनाएं फेक आईडी बनाकर लोगों को मैसेज करती हैं। मैसेज का रिप्लाई जाते ही लोगों की घेराबंदी शुरू कर देती हैं। मैसेनजर से शुरू होने वाली चैटिंग के बाद व्हाटसएप नंबर मांगने तक बात पहुंचती है। झांसे में आकर व्हाटसएप नंबर शेयर होते ही महिलाएं वीडियोकॉल करती हैं। ऐसी शातिर महिलाएं अश्लील वीडियो कॉल करती हैं। बातचीत और फुटेज को रिकार्ड करती हैं। सामने वाला कुछ समझ पाए तभी उनके मोबाइल पर अश्लील चैटिंग वाली वीडियो आ जाती है। इसके बाद शुरू होता है ब्लैकमेल का दौर। रकम नहीं देने पर वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देती हैं। बीते दिनों एक संत ने पुलिस में इसकी शिकायत भी की थी। संवाद
यूट्यूब साइबर क्राइम दिल्ली के नाम से मांगी जाती है रकम
युवकों को फंसाने के बाद यूट्यूब साइबर क्राइम दिल्ली के नाम से फोन आता है। फोन करने वाला कहता है कि यूट्यूब साइबर क्राइम दिल्ली से बोल रहा है। वीडियो के संबंध में एक शिकायत मिली है। इसमें दस साल की सजा हो सकती है। यह सुनकर कोई भी घबरा जाता है। इसके बाद पीड़ित को मामले को रफा-दफा करने की बात की जाती है।
इस तरह के हनी ट्रैप में न फंसे वरना ठगी का शिकार होना संभव है। किसी भी अपरिचित लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। इंटरनेट साइट पर बनाई जाने वाली आईडी पर अपनी जान पहचान के लोगों को ही रखें। ऐसे मामले होने पर तुरंत पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाएं। अपना बैंक खाते आदि की ओटीपी किसी से शेयर ना करें।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी