गरीब बेटियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए शुुरू की गई गौरा देवी कन्याधन योजना की आधी बकाया सहायता राशि सात साल बाद भी लाभार्थियों को नहीं मिली है। जबकि अब बेटियों की शादियां भी होने लगी हैं। ऐसे में अभिभावक प्रोत्साहन राशि के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। सरकार दो हजार से अधिक बेटियों के करीब सवा पांच सौ करोड़ रुपये की कर्जदार बनी हुई है।
वर्ष 2015-16 में राज्य सरकार की ओर से बेटियों को इंटर के बाद उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए गौरा देवी कन्याधन योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत इंटर पास करने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपये दिए जाने थे। इस आस में जनपद की बेटियों ने इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आवेदन किए थे। जिसमें अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति के लिए समाज कल्याण और सामान्य श्रेेणी की बालिकाओं के आवेदन प्रोबेशन विभाग में जमा किए गए थे। इनमें से प्रोबेशन विभाग में आए आवेदनों में 1318 और समाज कल्याण कार्यालय के 758 लाभार्थियों को 25-25 हजार रुपये की एफडी तो दे दी गई थी। पर 2076 बेटियों की 25-25 हजार रुपये की एफडी आज तक नहीं दी गई है।
समाज कल्याण विभाग पर बेटियों का एक करोड़ 89 लाख 50 हजार रुपये बकाया चल रहे हैं। वहीं, प्रोबेशन विभाग पर भी तीन करोड़ 29 लाख 50 हजार रुपये की भुगतान राशि अवशेष है। इससे दोनों विभागों पर इंटर पास करने वाली बेटियों का पांच करोड़ 19 लाख रुपये का कर्ज है। संवाद
यह थी योजना
बीपीएल परिवार या फिर छात्रा के परिवार की सालाना आय ग्रामीण क्षेत्र में 15,976 रुपये व शहरी क्षेत्र में 21,206 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसी कन्याओं के अभिभावकों की ओर से तब योजना के तहत आवेदन किए गए थे। लेकिन योजना शैक्षणिक वर्ष 2015-16 के बाद समाप्त कर दी गई थी। वर्ष 2016-17 से सरकार की ओर से नंदा गौरा योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसे महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से क्रियान्वित किया जा रहा है।
--
योजना की शेष चल रही प्रोत्साहन राशि के लिए शासन को डिमांड पत्र भेजा गया है। जैसे ही शासन से बजट आएगा। उसका लाभ लाभार्थी कन्याओं को दे दिया जाएगा।
- टीआर मलेठा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, हरिद्वार
गौरा देवी कन्या धन योजना में जिन पात्र लाभार्थियों को आधी रकम नहीं मिल पाई है। उसके लिए लगातार शासन से मांग की जा रही है। जब सरकार पैसा देगी, वह भी तभी लाभार्थियों को एफडी बनवाकर दे देंगे।
- अविनाश सिंह भदौरिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी, हरिद्वार