वन विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन करते कर्मचारी ।
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एक सूत्री मांग को लेकर वन कर्मियों का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। आंदोलित वन कर्मचारियों ने कहा कि डीएफओ का ट्रांसफर होने तक वह किसी भी हालत में हार नहीं मानेंगे।
उत्तराखंड फारेस्ट संघर्ष समिति हरिद्वार के बैनर तले डीएफओ कार्यालय के परिसर में चल रहे धरने पर समिति के मुख्य संयोजक रणवीर सिंह रावत ने कहा कि कर्मचारियों का उत्पीड़न करने वाले डीएफओ के साथ वह किसी भी हालत में काम नहीं करेंगे। कोरोना काल हो या कोई आपदा, कर्मचारी विभाग के लिए दिन रात एक कर कड़ी मेहनत के साथ कार्य करते हैं। कर्मचारी अपना उत्पीड़न भी सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग पर सरकार को जल्द ठोस फैसला लेना चाहिए। वरना छह दिसंबर से प्रदेश व्यापी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
आशीष उप्रेती ने कहा कि कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। कई अन्य विभागों की एसोसिएशनों और संगठनों का भी उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। उनकी जायज मांग के आगे उन्हें झुकना ही पड़ेगा। इस मौके पर एसएन शर्मा, नरेंद्र कुमार, मयूरी गौतम, राजवीर सिंह, बबीता, हरीश भट्ट, बालम नेगी, दिनेश लखेड़ा, नरेंद्र कुमार, रामकुमार वर्मा, बुरहान अली, अरुण सैनी, अनुज सैनी, सुरेश, गुलफाम आदि मौजूद थे।