देश के कई राज्यों में कोरोना की बढ़ती रफ्तार एक बार फिर से लोगों को डराने लगी है। धर्मनगरी हरिद्वार में हर दिन लाखों लोगों की भीड़ उमड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना की सैंपलिंग बंद कर दी है। प्रतिदिन औसतन 55 से 60 सैंपल ही जांच के लिए लिए जा रहे हैं। सैंपल भी उन्हीं आशंकित लोगों के हो रहे हैं जो स्वयं टेस्ट करवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं।
हरिद्वार में चारधाम यात्रा सीजन और वीकेंड पर भीड़ उमड़ रही है। लाखों लोगों की रोजाना आवाजाही हो रही है। बॉर्डर से लेकर मेला क्षेत्र में कोरोना की सैंपलिंग बंद है। बिना रोकटोक लोग गंगा घाटों से लेकर बाजारों में घूम रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ही नहीं पुलिस प्रशासन भी बेखबर है। अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता चला कि अप्रैल के बाद से कोरोना की रैंडम सैंपलिंग ही बंद है। 30 अप्रैल में सर्वाधिक 187 सैंपल लिए गए थे।
31 मई को सैंपल लेने का आंकड़ा घटकर 65 आ गया। दस जून को जनपद भर में 55 सैंपल लिए गए। कोरोना काल में रखे गए कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद से सैंपिलिंग बंद है। हालांकि सैंपलिंग की रिपोर्ट के बाद नए केस हर दिन औसतन एक से लेकर दो तक ही आ रहे हैं।
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सरकार की ओर से कोरोना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को हटा दिया गया था। इसके कारण कोरोना सैंपलिंग के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं है। फिर भी यदि संक्रमण बढ़ता है तो वैकल्पिक व्यवस्था कर सैंपलिंग शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. कुमार खगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार