गोवा में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन का प्रशिक्षण लेने के दौरान मौजूद हरिद्वार नगर निगम की टीम ।
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नगर निगम की टीम ने गोवा में बेहतर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के गुर सीखे। पणजी में वेस्ट प्लास्टिक से बायो डीजल के संयंत्र को भी देखा। अब नगर निगम हरिद्वार में वेस्ट प्लास्टिक से बायो डीजल की योजना बनाने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा टीम ने 16 तरीकों से अलग-अलग कूड़ा निस्तारण कर उसे बेचने की जानकारी भी हासिल की। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि गोवा की यह पद्घति नगर निगम हरिद्वार में धरातल पर लाई जाएंगी। ताकि बेहतर ढंग से कूड़ा निस्तारण होने के साथ ही आय में भी बढ़ोत्तरी हो सके।
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन देखने के लिए नगर निगम हरिद्वार की टीम ने गोवा राज्य का दौरा किया। वहां पणजी में देखा कि प्लास्टिक कूड़े को सही तरीके से प्रोसेस करके फैक्ट्रियों में बेचा जा रहा है। प्लास्टिक टू बायोडीजल प्लांट का भी भ्रमण किया। इसके अलावा 16 तरीके से कचरे को अलग-अलग किया जाता है। जिसमें हार्ड और सॉफ्ट प्लास्टिक, कागज, रंगीन, सादा कागज, कांच, नारियल के अवशेष, लोहा अलग निकाला जाता है। जिसको बेचने के लिए रेट लिस्ट लगाई जाती है। जरूरतमंद निर्धारित दामों पर इन सामानों को खरीदते हैं। इससे निगम की आय में बढ़ोत्तरी हो रही है।
शहर में पड़े थर्माकॉल भी एकत्र करके ठोस रूप में बदलकर फैक्ट्रियों को बेचा जा रहा है। गोवा में शराब का अधिक सेवन किया जाता है। इसलिए जगह-जगह चार से पांच-पांच फीट के बॉक्स बनाए गए हैं। इनमें शराब और पानी की बोतलों को लोगों की ओर से बॉक्सों में डाल दिया जाता है। जिसके बाद में बॉक्सों से निकालकर निस्तारण किया जाता है। इस विधि को भी नगर निगम गंगा घाटों पर पानी की बोतलों को एकत्र करने पर विचार कर रहा है। हरिद्वार नगर निगम से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव और मेयर प्रतिनिधि देवेश गौतम ने किया। उनके साथ सफाई निरीक्षक श्रीकांत, संजय शर्मा, वैयक्तिक सहायक आशु वर्मा मौजूद रहे।