हरिद्वार। नगर निगम की ओर से अब वेडिंग प्वाइंटों से उत्सव और ढाबों व रेहड़ी, ठेहली वालों से स्वच्छता शुल्क वसूला जाएगा। नगर निगम की बोर्ड बैठक में लाए गए इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई। शहर में सड़क व चौराहे का नामकरण करने से पूर्व संबंधित वार्ड के पार्षद की अनुमति जरूरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
सोमवार को नगर निगम के टाउन हाल में शुरू हुई बोर्ड बैठक में पार्षदों ने निर्माण कार्य के प्रस्ताव एजेंडे में शामिल नहीं करने पर आपत्ति जताई। पार्षद उदय वीर सिंह चौहान और राजेश शर्मा ने कहा कि जो प्रस्ताव दिए गए हैं। पहले यह बताया जाए कि उन्हें एजेंडे में क्यों शामिल नहीं किया गया है और उनके प्रस्ताव पर निर्माण कार्य क्यों नहीं हो रहे हैं। इस पर नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि उनके जो भी प्रस्ताव हैं, उन पर 10 अक्तूबर तक निर्णय ले लिया जाएगा।
बजट के अनुसार जिन प्रस्ताव पर निर्माण कार्य किए जा सकते हैं, वे शुरू करा दिए जाएंगे। इस आश्वासन पर पार्षदों के मानने पर चार सितंबर को हुए कार्यकारिणी समिति के अधिवेशन में प्रमुख प्रस्ताव रखे गए। इनमें प्रमुख रूप से शहर में स्थित समस्त वेडिंग प्वाइंट से प्रति शादी समारोह के हिसाब से एक हजार रुपये का उत्सव शुल्क वसूले जाने और शुल्क नहीं देने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा गया। इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसके अलावा शहर के अस्थायी ढाबों से प्रतिदिन 50 रुपये और रेहड़ी, ठेहली वालों से 20 रुपये प्रतिदिन के साथ ही पार्किंग ठेकेदारों से पांच हजार रुपये प्रति माह स्वच्छता शुल्क लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
फोटोग्राफी लाइसेंस का पंजीकरण शुल्क 1000 रुपये और प्रतिवर्ष लाइसेंस शुल्क 5000 शुल्क रखने के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया गया। नगर निगम की सीमा पर प्रवेशद्वार निर्माण कराए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। बोर्ड की बैठक मेयर अनीता शर्मा की अध्यक्षता और नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती के संचालन में संपन्न हुई। इस मौके पर भाजपा पार्षद दल के नेता सुनील अग्रवाल, पार्षद अनुज सिंह, श्रुति खेवड़िया, अनिल मिश्रा, परमजीत सिंह गिल, राधाकृष्ण, राजीव भार्गव, सहायक नगर आयुक्त महेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
रामलीला कमेटियां कर रही जमीनों का व्यवसायीकरण
भाजपा पार्षद दल के नेता सुनील अग्रवाल ने बोर्ड बैठक में भगवान श्रीराम की लीलाएं दिखाने के लिए दी गई जमीनों के व्यवसायीकरण करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भूपतवाला और मायापुर में नगर निगम की ओर से श्रीराम लीला कमेटियों को जमीन दी गई, लेकिन इन जमीनों पर महज एक महीने के लिए ही रामलीला होती है। शेष समय में रामलीला कमेटियां पार्किंग, शादी समारोह आदि कराकर व्यवसायिक धंधे चला रही हैं। कहा कि श्रीरामलीला कमेटियों को अधिकतम एक माह के लिए ही जमीन दी जाए।
नालों पर स्लैब न रखने पर इस्तीफे की धमकी
पार्षद परमजीत सिंह गिल ने देशरक्षक तिराहे से लेकर बूढ़ी माता तक नाले के ऊपर स्लैब न रखने का मुद्दा उठाया तो पार्षद अनुज सिंह के साथ ही अन्य पार्षदों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की यह समस्या रखीं। उन्होंने बताया कि वे लगातार बोर्ड बैठक प्रस्ताव देते हैं कि खुले नाले पर स्लैब रखे जाएं, लेकिन आज तक स्लैब नहीं रखे गए हैं। इससे हाल ही एक 32 वर्ष के युवक की नाले में गिरने से मौत भी हो चुकी है। अब मृतक युवक के बच्चों के भविष्य के लिए नगर निगम कुछ गारंटी लेकर उनकी सहायता करे। साथ ही स्लैब भी रखे जाएं। नहीं तो वह इस्तीफा दे देंगे। इस पर नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने नगर निगम के अधिकारियों को सभी खुले नालों पर स्लैब रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर नगर निगम के नियम में सहायता करने का प्रावधान होगा तो मृतक युवक के आश्रितों के लिए कुछ किया जाएगा।
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प्रेम प्रकाश आश्रम को नहीं मिलेगी जमीन
चार सितंबर को कार्यकारिणी समिति के अधिवेशन में पारित प्रस्ताव श्री प्रेम प्रकाश आश्रम को स्वामी सर्वानंद घाट के पास सप्तसरोवर रोड भूपतवाला करपात्री चौक से कमलदास की कुटिया तक मैदान का सौंदर्यीकरण कर देखरेख व विकसित कर निगम को हैंडओवर करने के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया।
पार्षद अनिल मिश्रा ने कहा कि पहले भी ऐसे ही नगर निगम की जमीन को लिया गया, लेकिन अब उन पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया गया है। पार्षद जमीन नहीं देने की मांग पर अड़े रहे। आखिर में संस्था को जमीन का सौंदर्यीकरण करने के लिए प्रस्ताव पर हाथ उठवाकर वोटिंग कराई गई, लेकिन उस पर केवल 12 पार्षदों ने ही सहमति जताई। इससे उसे आखिर में आकर निरस्त कर दिया गया।