जून 2021 में ज्वालापुर में कबाड़ी के यहां काम करने वाले युवक की गंगनहर में डूबने से मौत के मामले में परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कबाड़ी का काम करने वाले दो भाइयों और उनकी मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक फौज्जी निवासी मेन रोड मोहल्ला गुलाम ओलिया गंगोह खालसा, सहारनपुर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसका पति मोहम्मद रफी ज्वालापुर में कबाड़ी का काम करता है। उसकी जान पहचान साकिब और सद्दाम निवासी जटवाड़ा पुल से हुई थी। दोनों का कबाड़ और पुरानी गाड़ियों को काटकर बेचने का काम करते हैं। पति बेटे मो. सफी को 10 साल पहले गंगोह से पढ़ाई के लिए हरिद्वार लेकर आया था। छुट्टी वाले दिन वह अपने पिता के साथ काम पर जाने लगा। इस बीच साकिब ने देखा तो उसने बेटे को उनके यहां छोड़ देने के लिए कहा। पढ़ाई, लिखाई और खाने-पीने का पूरा खर्च खुद उठाने की बात कही। उस समय उसकी उम्र 16 वर्ष थी। पांच साल तक वह वहीं रहा। दोनों भाई उसे काम कराने के लिए प्रताड़ित करने लगे। उसके साथ मारपीट कर जबरन काम कराते थे। काम छोड़ने की बात पर जान से मारने की धमकी देते थे। एक दिन उसके साथ बुरी तरह मारपीट करते हुए घर जिंदा न जाने की धमकी दी। सफी ने फोन पर अपनी मां को पूरी बात बताई। आरोप है कि 15 जून को 2021 को साकिब और सद्दाम की मां हसीना ने फोन पर जानकारी दी कि सफी की गंगा में डूबने से मौत हो गई है। उन्होंने गंगा में काफी तलाश करने के साथ ही रानीपुर झाल और मंगलौर झाल तक 5-6 दिन तक लगातार तलाश कराई लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने सफी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए ज्वालापुर कोतवाली में तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें धमकाकर भगा दिया। एसएसपी को शिकायत देने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी महेश जोशी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी साकिब, सद्दाम और उनकी माता हसीना के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।