स्वामी शिवानंद से वार्ता करते डीएम ओर एसएसपी ।
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गंगा रक्षा के लिए अनशन कर रहे ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की बात मानने से भी इनकार कर दिया। दोनों अधिकारियों ने उनसे अनशन वापस लेने की अपील की थी। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने कहा कि जब तक गंगा रक्षा संबंधी मांगों को पूरा करने के लिए शासनादेश जारी नहीं होगा, अनशन जारी रहेगा। हालांकि, अधिकारियों के आग्रह पर आत्मबोधानंद अनशन के दौरान फिर से शहद लेने को तैयार हो गए।
गंगा रक्षा सहित छह सूत्री मांगों को लेकर मातृ सदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद 18 अगस्त से अनशन कर रहे हैं। वह केवल नींबू, पानी, नमक और शहद ले रहे थे। उन्होंने अनशन के 42 वें दिन 28 सितंबर से शहद का सेवन भी छोड़ दिया था। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय और एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत मातृ सदन आश्रम पहुंचे। उन्होंने आश्रम पहुंचकर परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती से वार्ता की। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद से अनशन समाप्त कराने का अनुरोध किया। कहा कि उनका जीवन बेहद अनमोल है। वह शासन में मांगों को लेकर वार्ता करेंगे।
लेकिन आत्मबोधानंद ने डीएम और एसएसपी के अनुरोध को ठुकरा दिया। कहा कि अभी तक कई बार आश्वासन मिल चुके हैं, लेकिन मांगों को लेकर आदेश जारी नहीं किए जाते हैं। इस बार अनशन आश्वासन पर नहीं, आदेशों के बाद ही खत्म होगा। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने कहा कि अवैध खनन रोकने को जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। साध्वी पद्मावती और पूर्व प्रो. ज्ञानस्वरूप सानंद सहित सभी प्रकरणों की जांच की मांग को लेकर जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजे जाने का आश्वासन दिया।