फिल्म मेकर लीना मनिमेकलाई की डॉक्यूमेंट्री ‘काली’ के पोस्टर को देख धर्मनगरी के साधु-संतों के साथ ही आमजन में आक्रोश है। पोस्टर में काली मां को सिगरेट पीता दिखाया गया है। काली मां को हाथ में एलजीबीटीक्यू का झंडा भी दिखाया गया है।
दो जुलाई को फिल्म मेकर लीना मनिमेकलाई में अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ का पोस्टर शेयर किया था। पोस्टर शेयर करने के साथ यह भी जानकारी दी थी कि उनकी डॉक्यूमेंट्री को कनाडा फिल्म फेस्टिवल में लांच किया गया। पोस्टर में मां काली को सिगरेट पीते देखने के बाद लोगों की भावनाएं आहत हो गई हैं। इसको लेकर साधु-संतों में काफी उबाल है।
देवी-देवताओं का उपहास उड़ाना गलत है। इस तरह के कृत्यों से साधु संतों में उबाल है। यदि लीना पर कार्रवाई नहीं होती है तो संतों को सामने आना पड़ेेगा। -महेश पुरी, सचिव जूना अखाड़ा।
लीना मनिमेकलाई ने देवी का फोटो शेयर की है, वह गलत है। नूपुर शर्मा के बयान पर कार्रवाई हुई है तो लीना पर कार्रवाई के लिए नेताओं को आगे आना चाहिए। -आलोक गिरि, परमाध्यक्ष सिद्धबली हनुमान मंदिर नर्मदेश्वर महादेव मंदिर
- हिंदू देवी-देवताओं का उपहास उड़ाना निंदनीय है। आरोपी फिल्म डायरेक्टर पर कार्रवाई होनी चाहिए। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। - महंत दामोदर दास, उपाध्यक्ष अखाड़ा परिषद।
- लीना ने काली मां के पोस्टर को जिस तरीके से प्रदर्शित किया है, उससे देवी का अपमान हुआ है। हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है। महंत कमल दास, पीठाधीश्वर हरिहर पुरूषोत्तम धाम
पोस्टर में जिस तरह से मां काली का अपमान किया गया है, उसे देखकर लगता है कि लीना महिलाओं की इज्जत करना नहीं जानतीं। -रविदेव शास्त्री, महामंत्री युवा भारत साधु समाज
लीना को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। भारतीय उच्च आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। देवी देवताओं का मजाक उड़ाने वाली इस विक्षिप्त महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। काली सेना इस फिल्म का विरोध करती है। -स्वामी आनंद स्वरूप, संस्थापक काली सेना