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पहले दिन स्कूलों में पढ़ाई नहीं झाड़ियों की हुई कटाई

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भट्टीपुर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सफाई करते छात्र-छात्राएं । - फोटो : HARIDWAR
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35 दिन के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद बुधवार से जिले के सभी सरकारी स्कूल खुल गए। पहले दिन स्कूलों में छात्र एवं छात्राओं की उपस्थिति काफी कम रही। बच्चों ने मस्ती करते हुए दोस्तों के साथ छुट्टियों के अनुभव साझा किए। शिक्षकों का पहला दिन भी स्कूलों की साफ-सफाई और झाड़ियां एवं घास की कटाई में बीत गया।
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भट्टीपुर राप्रावि : बच्चों ने की परिसर की सफाई
पथरी भट्टीपुर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 73 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन 32 बच्चे स्कूल आए। प्रधानाध्यापिका संध्या चौहान ने बताया कि स्कूल में शौचालयों की सीटें धंस गई हैं। इससे बच्चों को परेशान होना पड़ता है। विद्यालय के ऊपर से बिजली की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। विद्यालय के गेट पर ट्रांसफार्मर लगा है। हाईटेंशन लाइन के तारों से चिंगारी गिरती रहती है। बरसात में करंट फैलने का डर बना रहता है। स्कूल परिसर में घास की बच्चों ने सफाई की।
बादशाहपुर राप्रावि : 117 बच्चों में मात्र 38 आए
पथरी के बादशाहपुर राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 117 पंजीकृत बच्चों में मात्र 38 बच्चे स्कूल आए। प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि बुधवार को विद्यालय प्रांगण में घास और झाड़ियां कटवाईं और सफाई कराई। विद्यालय की एक दीवार टूट गई है। इससे स्कूल बंद होने पर असामाजिक तत्व स्कूल परिसर में अड्डा जमाकर बैठते हैं।
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धारीवाला राप्रावि : एकमात्र प्रधानाध्यापिका मिलीं
धारीवाला में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 89 बच्चों में 30 बच्चे आए। प्रधानाध्यापिका अमिता रानी ने बताया कि वह तीन साल से स्कूल में अकेली बच्चों को पढ़ा रही हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं।
लालढांग राप्रावि : भोजन माताओं ने काटी झाड़ियां
लालढांग राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत बच्चों की संख्या 137 है। विद्यालय में मात्र 30 बच्चे ही आए। विद्यालय खुलते पर भोजन माताओं और शिक्षकों ने विद्यालय परिसर में उगी घास की कटाई की।
मंगलपुरा राप्रावि : मुनादी कराई, फिर भी नहीं आए बच्चे
मंगलपुरा राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 105 बच्चों में से 47 बच्चे ही उपस्थित हुए। प्रधानाध्यापक यशपाल सिंह दरगन ने बताया कि गांव में मंदिर से स्कूल खुलने की मुनादी कराई, इसके बाद भी बच्चे कम आए। विद्यालय में जमी घास की साफ सफाई की। सीआरसी मुकेश सिंह ने बताया कि विद्यालयों में बच्चों की संख्या पहले दिन कम रही। मीठीबेरी राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 126 बच्चों में 35 बच्चे उपस्थित हुए। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चमरिया में 78 बच्चों में से 22 बच्चे ही आए।
घोलूवाला राप्रावि : बच्चों को गोद में उठाकर कराया प्रवेश
बहादराबाद के राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलूवाला में स्कूल के सामने पानी भरा होने से अध्यापकों ने बच्चों को गोद में उठाकर विद्यालय में प्रवेश कराया। स्कूल के गेट से लेकर मुख्य मार्ग पर पानी भरा होने से कीचड़ हुआ था। बच्चों की यूनिफार्म खराब न हो, इसलिए शिक्षकों ने बच्चों को गोद में उठाकर प्रवेश कराया।
सुमननगर राप्रावि : कक्षों की टपक रही छत
टिहरी विस्थापित कॉलोनी सुमन नगर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तीन कमरे हैं। तीनों कमरों में बरसात में पानी टपकता है। इसमें नीचे बैठे छात्र-छात्राओं के ऊपर पानी की बूंदे गिरती हैं। एक कमरे को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे छत का सीमेंट नीचे गिरती रहती है। प्रधानाचार्य अनुराधा ने बताया कि शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शेरपुर राप्रावि : एक कमरा और बच्चे 72
पथरी शेरपुर राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 72 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन मात्र 27 बच्चे स्कूल आए। प्रधानाध्यापिका प्रभा रानी ने बताया कि विद्यालय में एक कमरा और रसोई घर है। विद्यालय परिसर में भी जगह नहीं है, जिससे बच्चों को खेलकूद नहीं कराया जाता है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर में छात्र-छात्राओं से पेंटिंग कराई गई। राजकीय प्राथमिक विद्यालय अलीपुर के प्रधानाचार्य प्रवीण कपिल ने कहा कि विद्यालय में उपस्थिति काफी कम रही।
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