प्रदेश में आपदा से किस जगह कितना नुकसान हुआ। कहां सड़क टूटने की वजह से रास्ता बंद है। किस-किस जगह पर राहत शिविर बनाए गए हैं। किस स्थान पर कौन से डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसी तमाम जानकारियों के लिए गूगल ने क्राइसिस रेस्पांस मैप लांच किया है।
उत्तराखंड की पल-पल की खबर मिलेगी यहां
इस मैप पर न केवल सैटेलाइट से हर रोड की पूरी जानकारी है बल्कि आपदा से हुए नुकसान को भी दर्शाया गया है। अपनों की तलाश में भटक रहे परिजनों के लिए क्राइसिस रेस्पांस मैप काफी काम का साबित हो सकता है।
इस मैप पर न केवल जल प्रलय से प्रभावित क्षेत्रों को सैटेलाइट मैप के मार्फत दर्शाया है बल्कि आपदा प्रभावितों के लिए बनाए गए राहत केंद्र और शेल्टर की भी जानकारी ली जा सकती है।
आसानी से मिलेगी जानकारी
चिकित्सा सुविधा के लिए बनाए गए मेडिकल सेंटर और सड़क बंद होने की भी पूरी जानकारी यहां आसानी से उपलब्ध है। गूगल अर्थ द्वारा लिए गए उत्तराखंड के नक्शे पर मौजूदा संकट और सुविधाओं की जानकारी अपडेट की जा रही है। गूगल इससे पहले अपनों की तलाश के लिए गूगल पर्सन फाइंडर लांच कर चुका है।
तलाश में जाने से पहले देखें मैप
अगर आप अपनों की तलाश में पहाड़ जाना चाहते हैं तो इसके लिए यह मैप काफी काम का साबित हो सकता है। घर से निकलने से पहले एक बार मैप को देख लें तो न केवल पूरे रूट की जानकारी मिल जाएगी बल्कि प्रदेश में केदारनाथ से लेकर देहरादून तक बनाए गए हर राहत केंद्र की भी जानकारी आसानी से मिल जाएगी।
अपने वाहन से जाने वालों के लिए यह आसानी है कि वह किसी रास्ते पर चलने से पहले सड़क का हाल जान सकते हैं।
सफल रह चुका है प्रोजेक्ट
गूगल ने सबसे पहले 2010 में हैती और चीली में आए भूकंप में बचाव कार्यों में तेजी लाने के मकसद से यह मैप लांच किया था। यहां सफलता मिलने के बाद गूगल ने 2011 में जापान में आए भूकंप और सुनामी के दौरान यह मैप लांच किया। इस वर्ष अमेरिका के ओकाहोमा शहर में आए टोरनाडो में यह मैप काफी काम का साबित हो चुका है।
गत वर्ष अक्टूबर में अमेरिका के न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क में आए खतरनाक सैंडी तूफान में गूगल का यह क्राइसिस रेस्पांस मैप काफी कारगर साबित हुआ था।
यहां देखें गूगल मैप : www.google.org/crisismap