हल्द्वानी निवासी मुक्ता मेहरा के इच्छा मृत्यु मांगने वाले प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 10 दिन के भीतर प्रति शपथपत्र देने के आदेश दिए हैं।
न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता मुक्ता मेहरा ने मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष को भेजे प्रार्थना पत्र में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी।
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याचिकाकर्ता का कहना था कि अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उससे दुष्कर्म किया। आरोप है कि एएसपी पीड़िता से शादी का वादा करता रहा लेकिन शादी नहीं की।
अभियुक्त को बचा रही सीबीसीआईडी
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई। याचिका में कहा गया है कि सीबीसीआईडी अभियुक्त को बचाने का प्रयास कर रही है और उसको जान माल का खतरा बना है।
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याचिकाकर्ता ने न्यायालय से निवेदन किया है कि उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। न्यायालय ने मामले में गंभीर रूख अपनाते हुए डीजीपी को 10 दिन के भीतर प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।