आबकारी नीति में बदलाव पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार ने बयान जारी कर कहा कि शराब सिंडिकेट को फायदा पहुंचाने के लिए भाजपा के दबाव में यह फैसला किया गया।
उन्होंने कहा कि 2007 में भी भाजपा ने सरकार बनते ही शराब का काम सरकारी एजेंसियों से छीनकर निजी हाथों में सौंप दिया था। अब राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भाजपा ने दबाव बनाकर सबसे पहला काम यही किया है।
कांग्रेस ने आबकारी नीति को जोड़ा था पर्वतीय जिलों से
कांग्रेस ने आबकारी नीति को पर्वतीय जिलों के उत्पादों से जोड़ा था। कृषि मंडी परिषद को काम सौंपकर शराब सिंडिकेट का वर्चस्व तोड़ा गया था।
सुरेंद्र कुमार ने कहा कि भाजपा के एक नेता इस बात की भी पुष्टि कर रहे हैं कि भाजपा पिछले दरवाजे से प्रदेश में सत्ता पर काबिज है।
सुरेंद्र कुमार का आरोप है कि 18 मार्च को विधायकों की खरीद फरोख्त के लिए लिए गए पैसे की वापसी के लिए ही सिंडिकेट को यह इनाम दिया गया है।