पहाड़ पर आई आपदा ने हरिद्वार के ट्रेवल व्यवसाय की कमर तोड़कर कर रख दी है। यहां की करीब 500 गाड़ियां पहाड़ों पर फंसीं हैं। जैसे-तैसे कर ड्राइवर तो लौट आए लेकिन गाड़ियां कब और कैसे मिलेंगी, पता नहीं है।
हरिद्वार में लगभग 200 ट्रेवल एजेंसियां हैं। चारधाम यात्रा सीजन में हरिद्वार से रोजाना लगभग 450 गाड़ियां पहाड़ पर जाती हैं। इस बार भी सीजन शुरू हुआ तो बड़ी संख्या में गाड़ियां चारधाम के लिए निकलीं। लेकिन आपदा ऐसी आई कि कई गाड़ियां तबाह हो गई और अनेक पहाडों पर जहां-तहां फंस गई।
पढ़े, उत्तराखंड की खबरों की विशेष कवरेज
ट्रेवल व्यवसायी अरविंद खनेजा ने बताया कि उनकी दो इंडिका गाड़ी यात्रा में फंसी हुई हैं। एक तो गंगोत्री व एक बदरीनाथ में है। जो गाड़ियां वहां पर फंस गई हैं उनके वापस आने का कुछ पता नहीं कब तक आएंगी। उन्होंने बताया कि अभी भी शहर की लगभग 500 गाड़ियां फंसी हैं।
यात्रा पूर्णरूप से ठप
राजस्थान ट्रेवल्स के नवरत्न भाई एवं अमित ने बताया कि उनकी दो सूमो गाड़ी गंगोत्री व दो बदरीनाथ में खड़ी हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा पूर्णरूप से ठप है। न तो गाड़ियों की किस्त दी जा रही है और न ही कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा। यात्रा सीजन में एक गाड़ी भी खाली नहीं होती थी, अब उलटा है। एक तो गाड़ियां फंस गईं। जो बची हुई यहां हैं उनके लिए यात्री नहीं है। विजय टूर एंड ट्रेवल्स के विपिन शर्मा ने बताया कि उनकी एक टवेरा गाड़ी लाटा खेरा मनेरी में फंसी हुई है।
ओम साईं ट्रेवल के बंटी भाटिया ने बताया कि उनकी दो गाड़ियां सोनप्रयाग में बह गई। दोनों की कीमत बारह लाख थी। उन्होंने बताया कि उनकी दो गाड़ियां टवेरा व इनोवा बदरीनाथ में खड़ी हैं। वापस कब आएगी कुछ नहीं मालूम। चालक तो 40 किमी तक पैदल चलकर वापस सकुशल आ गए। लेकिन उनको गाड़ी वहीं पर छोड़नी पड़ी।
गंगोत्री टूर एंड ट्रेवल्स के मालिक अर्जुन सैनी ने बताया कि उनकी दस गाड़ियां जिसमें सूमो, टेम्पो ट्रेवलर, कार, बस आदि गंगोत्री व उत्तरकाशी में फंसी हुई हैं। चालक तो गाड़ियां छोड़कर बहुत मुश्किल से अपनी जान बचाकर आए लेकिन गाड़ियां वहीं पर हैं। जब तक गाड़ियां वापस नहीं आती तब तक रोजगार भी समाप्त हो गया।
कोणार्क ट्रेवल के मालिक हरदीप सिंह ने बताया कि तीन बस गंगोत्री व दो बद्रीनाथ में फंसी हैं। उन्होंने छोटी बड़ी लगभग 250 गाड़ियां यात्रा पर भेजी थीं। कुछ का तो पता लग गया व वापस आ गई लेकिन कुछ अभी भी फंसी हुई हैं।
सोनप्रयाग में बह गई गाड़ी
त्रिमूर्ति ट्रेवल के मालिक नरेश गोयल ने बताया कि उनकी गंगोत्री में दो व बदरीनाथ में चार बसें फंसी हुई हैं। एक गाड़ी सोनप्रयाग में बह गई। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक मार छोटे व्यापारी पर पड़ी है जिसके पास एक ही गाड़ी थी और वह भी फंस गई।
एकता ट्रेवल के करुण मदान ने बताया कि उनकी एक मिनी बस व एक बड़ी बस गंगोत्री में फंसी हुई है। ऐसे ही कई छोटे बडे़ ट्रेवल व्यवसाय करने वालों की न जाने कितनी बसें भी भी यात्रा में फंसी हुई हैं। मंदाकिनी ट्रेवल के सुरेन्द्र जैन ने बताया कि उनकी दो गाड़ियां बदरीनाथ में फंसी हुई हैं। चालक गाड़ियों के कागज निकालकर ले आए थे।
गाड़ी को लावारिस छोड़कर भागना पड़ा
ट्रेवल व्यवसाइयों ने बताया कि जहां पर गाड़ियां फंसी हुई हैं वहां पर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उसकी जिम्मेवारी लेने वाला नहीं है। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। हरिद्वार का स्थानीय प्रशासन भी वहीं की रिपोर्ट मांग रहा है। बिना रिपोर्ट के अगर गाड़ियों को कोई नुकसान होता है तो उसके बीमे का भी कुछ नहीं मिलेगा। सरकार भी टैक्स माफ नहीं कर रही। अगर टैक्स माफ हो जाए तो कुछ राहत मिल जाएगी।
बाहर की गाड़ियां भी लापता
फगवाड़ा पंजाब निवासी कुलविंदर सिंह ने बताया कि वह अंबाला से दो टैम्पो ट्रेवलर यात्रा में लेकर गए थे। दोनों गाड़ियों को बदरीनाथ छोड़कर भागना पड़ा। वह और उनका चालक साथी किसी तरह अपनी जान बचाकर निकल आए और उनके यात्री भी वहां से निकल गए। लेकिन गाड़ी वहीं पर फंस गई। दोनों गाड़ियों की कीमत तीस लाख है।
उनके पास कोई ओर काम भी नहीं है। कई सालों से वह यात्रा का काम कर रहे हैं। दोनों गाड़ियों फंसने से उन्हें बहुत नुकसान हो रहा है।
ऋषिकेश के कई वाहन और चालक लापता
चारधाम यात्रा के दौरान बीते माह भारी बरसात के कारण आई आपदा से पहाड़ के पर्यटन, तीर्थाटन के साथ ही परिवहन व्यवसाय को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश के कारण स्थानीय मोटर व्यावसायियों और संयुक्त रोटेशन, टीजीएमओ आदि कंपनियों के लगभग दो दर्जन वाहन बह गई। इनमें से कई वाहनों के चालक और परिचालक लापता बताए जा रहे हैं।
कुछ कंपनियों के वाहन भी लापता
संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के प्रशासनिक अधिकारी बृजभानू प्रकाश गिरि के अनुसार 15/16 और 17 जून को हुई मूसलाधार बरसात के चलते गौरीकुंड क्षेत्र से जीएमओयू की दो बसें, रूपकुंड कंपनी की एक, यातायात की दो बसें, टीजीएमओ की तीन बसें बह गई। कुछ अन्य कंपनियों के वाहन लापता बताए जा रहे हैं। इनमें से कुछ वाहनों के मालिक, चालक-परिचालक (स्टाफ) भी लापता हैं।