मुख्यमंत्री हरीश रावत रात सात बजे राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और 18 मार्च को विधानसभा में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि विपक्ष के आरोप बेबुनियाद है और बजट पास होने के बाद विपक्ष ने सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों के साथ मिलकर माहौल खराब करने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री की मुलाकात उस वक्त हुई जिससे पहले ही राज्यपाल बहुमत साबित करने का आदेश जारी कर चुके थे। वैसे भी मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने अकेले ही गए।
राज्यपाल के सामने रखी बात
राजभवन में हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्यपाल के समक्ष अपना पक्ष रखा और कहा कि बजट पारित होने पर किसी का उंगली उठाना ठीक नहीं है, स्पीकर बजट पारित होने पर अपनी मुहर लगा चुके थे।
इसके बाद सदन स्थगित कर दिया गया और बाद में विपक्ष ने सत्तापक्ष के कुछ विधायकों के साथ मिलकर सदन की गरिमा का हनन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ मार्च से सदन सुचारु रूप से चल रहा था, लेकिन आखिरी दिन का विवाद सुनियोजित था।