चंपावत जिला अस्पताल का बंद अल्ट्रासाउंड कक्ष। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में बृहस्पतिवार को अल्ट्रासाउंड परीक्षण नहीं हुआ। चंपावत जिले के तीन अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं लेकिन कहीं भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण लोगों को निजी अस्पताल में परीक्षण कराने के लिए मजबूर होना पड़ा।
चंपावत जिले के तीन सरकारी अस्पतालों (चंपावत जिला अस्पताल, लोहाघाट और टनकपुर उप जिला अस्पताल) में अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं लेकिन रेडियोलॉजिस्ट दो ही हैं। इन दोनों के अवकाश में होने से बुधवार से जिले के एक भी सरकारी अस्पताल में परीक्षण नहीं हो पा रहे हैं। टनकपुर में रेडियोलॉजिस्ट की कुर्सी 2015 से खाली है। पिछले काफी समय से चंपावत के डॉक्टर के अवकाश में होने से जिले की पूरी जिम्मेदारी अकेले रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया के कंधों पर आ गई है। वह हफ्ते के पहले तीन दिन लोहाघाट, बृहस्पतिवार को चंपावत और बकाया दो दिन टनकपुर परीक्षण कर रहे हैं। उनके बुधवार से शुक्रवार तक अवकाश में होने की वजह से जिले के किसी भी अस्पताल में परीक्षण नहीं हो पा रहे हैं।
जिले के तीन सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीन और रेडियोलॉजिस्ट के पद सृजित हैं लेकिन टनकपुर में रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने से दिक्कत आ रही है। चंपावत के रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सा अवकाश पर हैं। ऐसे में लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया को लोहाघाट के अलावा दोनों अन्य अस्पतालों से हफ्ते के अलग-अलग दिन संबद्ध किया गया है। डॉ. रखोलिया के अवकाश में होने से बुधवार से शुक्रवार तक परीक्षण नहीं हो पा रहे हैं। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।