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अमर उजाला शिक्षा अभियान : स्कूल में पढ़ने के लिए विद्यार्थियों में दिखा उत्साह, सामाजिक दूरी का कड़ाई से नहीं हो रहा पालन

Thu, 24 Mar 2022 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत

सार

सीईओ भानु प्रताप सिंह का कहना है कि कोरोना के बाद के हालात में पढ़ाई करने के तरीकों में भी बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए स्कूलों को निर्देशित भी किया गया है। अब स्कूलों ने सैनिटाइजेशन पर ध्यान दिया है।
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चंपावत जीजीआईसी में परीक्षा देतीं छात्राएं। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
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विस्तार
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चंपावत में करीब दो साल तक नौनिहालों की पढ़ाई से लेकर खेलकूद और अन्य रोजमर्रा की गतिविधियों पर कोरोना की काली छाया रही। अब हालात सामान्य होने के बाद स्कूल खुलने पर अभिभावकों में बच्चों की सेहत को लेकर चिंता तो जरूर थीं, लेकिन विद्यार्थियों में उत्साह नजर आया। 

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नतीजा यह रहा कि स्कूल खुलने पर चंपावत जिले में बच्चों की उपस्थिति 83 प्रतिशत से अधिक रही। 15367 में से 12755 से अधिक छात्र-छात्राओं ने स्कूल पहुंचकर पढ़ने में रुचि दिखाई, जबकि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान उपस्थिति 45.82 ही रही। अभिभावकों ने भी बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया। ऑफलाइन पढ़ाई के सफर में कई अवरोध भी आए। हालांकि, अभिभावकों ने व्यवस्थाओं में बदलाव होने पर सहयोग किया।

सीईओ भानु प्रताप सिंह का कहना है कि कोरोना के बाद के हालात में पढ़ाई करने के तरीकों में भी बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए स्कूलों को निर्देशित भी किया गया है। अब स्कूलों ने सैनिटाइजेशन पर ध्यान दिया है। निजी स्कूलों ने सैनिटाइजेशन के अलावा थर्मल स्क्रीनिंग भी जारी रखी है। स्कूलों में सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है।
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अभिभावकों की बात
अभिभावकों का कहना है कि कोरोनाकाल में स्कूल बंद होने की भरपाई भले ही ऑनलाइन पढ़ाई से हुई, लेकिन शिक्षणेतर गतिविधियों पर पूरी तरह विराम रहा। खेल से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान प्रदर्शनी से लेकर समय-समय पर होने वाली अन्य प्रतियोगिताओं के नहीं होने का बच्चों पर असर पड़ा। निजी शिक्षण संस्थानों ने सीखने-सिखाने के व्यावहारिक तरीकों के साथ अंक देने में उदार रवैया अपना बच्चों का हौसला बढ़ाया है।
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ऑफलाइन पढ़ाई में सामने आए ये तथ्य
:- ऑनलाइन पढ़ाई से स्वत: समझने की समस्या दूर हुई।
:- सहपाठियों से मिलने और खेलकूद समेत अन्य गतिविधियां न होने की समस्या दूर हुई।
:- बच्चों के साथ फ्रेंडली तौर पर पेश आए शिक्षक।

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