बनबसा (चंपावत)। बनबसा पुलिस, एडीटीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम ने सितारगंज निवासी एक स्मैक डीलर को करीब 120.30 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। वह स्मैक की इस खेप को नेपाल ले जा रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह जगवाण के नेतृत्व में एसओजी बुधवार सुबह सवा 11 बजे केनाल गेट पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान उन्होंने ऊधम सिंह नगर जिले के पंडरी (थाना सितारगंज) निवासी तबरेज अख्तर को संदिग्ध अवस्था में नेपाल की ओर जाते दिखा।
तलाशी लेने पर उसके पास से 120.30 ग्राम स्मैक बरामद हुई। वहां पहुंचे एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि पकड़ा गया युवक स्मैक डीलर है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत केस दर्ज किया गया।
सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि पहले स्मैक के साथ पकड़े फुटकर विक्रेताओं से तबरेज के बारे में कई जानकारियां मिली थीं। पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। इतनी मात्रा में स्मैक पकड़ने वाले दल को डीआईजी ने पांच हजार और एसपी ने ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
धौन में दो युवकों से 14 ग्राम स्मैक बरामद
चंपावत। मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस की ओर से ऑपरेशन क्रेकडाउन चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने बताया कि बुधवार को धौन बाजार से 300 मीटर आगे संदिग्ध हालत में घूम रहे युवकों से पूछताछ की गई।
तलाशी लेने पर आरोपी मनोज सिंह (31) उर्फ जमाई निवासी मुडियानी, चंपावत के कब्जे से 7.8 ग्राम और डुंगरासेटी निवासी आरोपी शुभम पांडेय (24) के कब्जे से 6.2 ग्राम स्मैक बरामद की गई। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 08/18/21 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। टीम में उपनिरीक्षक बबीता, कांस्टेबल गिरीश पाटनी, जीवन सौन, राकेश रौंकली आदि रहे।
इस साल 562.89 ग्राम स्मैक बरामद
बनबसा (चंपावत)। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि चंपावत जिले में इस वर्ष स्मैक पकड़े जाने के 46 मामलों में 562.89 ग्राम स्कैम बरामद हुई है। बताया कि वर्ष 2020 में 26 मामलों में 280.232 ग्राम और 2019 में 19 मामलों में 98.553 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। पुलिस की सतर्कता से ही स्मैक रैकेट का खात्मा होने की संभावना है।
पहाड़ में लगातार बढ़ रहा नशे का काला कारोबार भविष्य के लिए चिंता का विषय है। दिन पर दिन स्मैक के बढ़ते मामले युवा पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए खतरनाक विषय है। अभिभावकों को अपने बच्चों पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता है। शिक्षक भी युवकों को नशे के खिलाफ जागरूक करें। - देवेंद्र पींचा, एसपी (चंपावत)