चंपावत। भारी बारिश और अतिवृष्टि के चलते बंद सड़क खोलने के लिए आपदा प्रबंधन और प्रशासन से की गई गुजारिश जब काम नहीं आई तो युवाओं ने खुद ही कुदाल उठा ली। गांव के सभी युवाओं ने श्रमदान करके सड़क पर आए मलबे और पेड़ों को हटाया और चौड़ाराजपुरा के गौड़ी मोटर मार्ग को खोलकर ही दम लिया।
गांव के युवाओं ने बताया कि सड़क लोनिवि के नियंत्रण में है। इसके बावजूद सड़क खोलने के लिए सरकारी प्रयास शुरू नहीं होने से चिंतित गांव के त्रिलोक राणा, त्रिभुवन बोहरा, विनोद बोहरा, राम सिंह सामंत, मनोज बोहरा, राहुल बोहरा, मुकेश बोहरा, शिवराज बोहरा आदि युवा खुद ही सड़क खोलने के लिए जुट गए। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण चंपावत से गौड़ी और चौड़ाराजपुरा को जोड़ने वाला मार्ग बंद हो गया था।
इस कारण गांव में आवाजाही की दिक्कत हो रही थी। सड़क बंद होने से गांव के कई बीमार लोग अस्पताल तक नहीं जा पा रहे थे। गांव की सड़क बंद होने की सूचना प्रशासन और आपदा प्रबंधन को देकर जेसीबी भेजने की मांग की गई लेकिन प्रशासन की ओर से सड़क खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
इससे नाराज गांव के युवाओं ने खुद ही सड़क से मलबा हटाकर गिरे पेड़ों को काटा। अब पैदल और हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए मार्ग खुल गया है। सड़क खोलने के लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी ग्रामीणों ने रोष जताया है।
बेलखेत के युवाओं ने भी प्रशासन को दिखाया आइना
चंपावत। बेमौसमी बारिश से बेलखेत में आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला पैदल झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी वजह से यहां के अधिकतर ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया था। शुक्रवार को स्थानीय युवाओं ने ग्राम प्रधान बालम सिंह बोहरा के नेतृत्व में 20 मीटर लंबे पुल का निर्माण कर आवाजाही बहाल की।
युवाओं ने सरकारी मदद का इंतजार किए बिना खुद ही पुल बनाकर जिला प्रशासन को आइना भी दिखाया है। ग्राम प्रधान ने बताया कि रवि बोहरा, अर्जुन सिंह, इंद्र सिंह, अंकित सिंह, गणेश सिंह, नाथ सिंह, जगदीश सिंह, लक्ष्मण सिंह आदि ने पुल तैयार करने में सहयोग दिया।