टनकपुर संयुक्त चिकित्सालय में दवा कक्ष से दवाई लेती महिला मरीज और डॉक्टर कक्ष के बाहर लाइन में खड
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टनकपुर (चंपावत)। जिले के मैदानी क्षेत्र के इकलौते बड़े अस्पताल संयुक्त चिकित्सालय में ऑपरेशन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद यहां ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। इस कारण छोटे-बड़े ऑपरेशनों के लिए मरीजों को दूसरे शहरों के प्राइवेट अस्पतालों में जाकर जेब ढीली करनी पड़ती है। पूछने पर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ब्लड बैंक की सुविधा न होने से ऑपरेशन करना संभव नहीं है।
यहां सरकारी अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ है। 12 डॉक्टर और पर्याप्त पैरा मेडिकल स्टाफ होने के बाद भी गंभीर मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी सर्जरी के मरीजों को हो रही है। ऑपरेशन कक्ष, जरूरी मशीनें और औजार उपलब्ध हैं। जनरल सर्जन और निश्चेतक डॉक्टर भी तैनात हैं। बावजूद इसके मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जरूरत पर सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को भी ऑपरेशन के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन भी इसके लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचएस हयांकी का कहना है कि जरूरत पर छोटे ऑपरेशन किए जाते हैं। ब्लड बैंक की सुविधा न होने से ऑपरेशन संभव नहीं है। विभाग से ब्लड बैंक खोलने की मांग की गई है। (संवाद)
डबल इनसेट
फिजिशियन, ईएनटी सर्जन और एक जनरल सर्जन का पद खाली
संयुक्त चिकित्सालय में नाक, कान गले के उपचार की भी सुविधा नहीं है। सीएमएस डॉ. एचएस हयांकी के मुताबिक एक फिजिशियन, एक जनरल सर्जन, एक ईएनटी सर्जन और पैथोलॉजिस्ट के पद खाली हैं। स्टाफ नर्स का भी एक पद खाली है। खाली पदों पर तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। (संवाद)
एक्स-रे कक्ष में तीन साल से लटका है ताला
एक्स-रे तकनीशियन का पद खाली होने से अस्पताल के एक्स-रे कक्ष में तीन साल से ताला लटका है, जिस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में जेब ढीली कर एक्स-रे करवाने पड़ रहे हैं। वर्ष 2018 में यहां तैनात एक्स-रे तकनीशियन का स्थानांतरण होने के बाद उसके प्रतिस्थानी की तैनाती नहीं हो सकी है। जनवरी 2019 तक डार्करूम सहायक एक्स-रे कर रहा था, लेकिन उसकी किसी अन्य विभाग में नौकरी लगने के बाद से एक्स-रे कक्ष बंद है। सीएमएस डॉ. एचएस हयांकी का कहना है कि एक्स-रे तकनीशियन की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा चुका है। यहां आई स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं के समक्ष भी तकनीशियन की तैनाती की मांग रखी जा चुकी है। (संवाद)