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चंपावत से महज 12 किमी की दूरी, पर नहीं हुई सड़क की हसरत पूरी

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चंपावत के भंडारबोरा में सड़क नहीं होने से डोली में मरीज को अस्पताल लाते ग्रामीण। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। देश की आजादी के 74 वर्ष बाद भी चंपावत जिले के कई गांव सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के तरस रहे हैं। जिला मुख्यालय से महज 12 किमी की दूरी पर स्थित भंडारबोरा गांव तक सड़क नहीं पहुंच सकी है जबकि यहां की जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सीट का नाम भी भंडारबोरा ग्राम पंचायत के नाम पर है।
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वर्ष 2007 में भुवन चंद्र खंडूरी सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत 11 किमी सड़क में से मात्र तीन किमी ही सड़क कट पाई है जबकि शेष आठ किमी सड़क का निर्माण 12 सालों से लंबित है। आलम ये है कि ग्रामीणों को आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। भंडारबोरा के ग्रामीणों ने वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में इसी मांग के लिए चुनाव बहिष्कार किया था। तब एक भी ग्रामीण ने वोट नहीं डाला तो मतपेटियां खाली वापस भेजी गईं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से भंडारबोरा को सड़क से नहीं जोड़ा जा सका है।
बासमती चावल उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है भंडारबोरा
चंपावत। लोहावती नदी के किनारे बसा भंडारबोरा गांव प्राकृतिक रूप से परिपूर्ण है। यहां उत्पादित बासमती चावल बेहद प्रसिद्ध हैं। यहां आम और अमरूद की फसल भी बहुतायत में होती है लेकिन सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को फसलों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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वन अधिनियम संबंधी आपत्तियों का निस्तारण न होने के कारण भंडारबोरा गांव को सड़क स्वीकृत होने के बाद भी कोई लाभ नहीं मिला है। आखिर ग्रामीण अपनी मांगों को पूरा कैसे करवा सकते हैं। - चंचल सिंह, ग्रामीण।
भाजपा हो या कांग्रेस सभी राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव के दौरान गांव तक सड़क पहुंचाने के सब्जबाग तो दिखाए जाते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि दोबारा गांव नहीं पहुंचते हैं। - मोहन महर।
ग्रामीणों ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। एक भी ग्रामीण ने वोट नहीं दिया था। तब प्रशासन ने दावा किया था कि जल्द ही सड़क का निर्माण होगा लेकिन सड़क नहीं बन सकी है। - विनोद सिंह।
इस सड़क के तीन किमी लंबे हिस्से पर पहले ही डामर हो चुका है, लेकिन बकाया आठ किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य लंबित है। वन अनापत्ति का प्रस्ताव नोडल देहरादून कार्यालय में लंबित है। - एमसी पांडे, ईई, लोनिवि, चंपावत खंड।
कलमठ बंद होने से सड़क पर जलभराव
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के गल्लागांव-कनेड़ा पाटन मोटर मार्ग का कलमठ बंद हो गया है। इससे मोटर मार्ग पर जलभराव हो रहा है। इससे फैली कीचड़ से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित लोगों ने समस्या के जल्द समाधान की मांग की है।
ग्रामीण शशांक पांडेय, अमित चौधरी ने बताया कि मोटर मार्ग पर जल निकासी के लिए बनाए गए कलमठ बंद हैं। इस कारण सड़क पर पानी भर रहा है। इससे हमेशा फिसलन और दुर्गंध आती रहती है। सड़क पर पानी जमा होने से सड़क को भी खतरा हो रहा है, जिसमें सड़क धंसने लगी है। ग्रामीणों ने लोनिवि से बंद कलमठ को खोलकर जल निकासी की मांग की, लेकिन लोनिवि ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
वाहन चालक रमेश नाथ, बबलू जोशी, रवि कुमार आदि ने बताया कि आधी सड़क पर पानी जमा होने के कारण अधिकतर चालक अपने वाहन को सूखे स्थान पर ले जाने की कोशिश करता है, जिस कारण कई वाहन विपरीत दिशा में पहुंच रहे हैं। राधा देवी, माया पंत, नंदी जोशी आदि ने बताया कि कई बार छोटे बच्चे फिसल कर गिर भी चुके हैं। इससे आक्रोशित लोगों ने लोनिवि से समय रहते समस्या सुलझाने की मांग की है। अन्यथा चुनाव के बाद लोनिवि के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
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