बाराकोट बर्दाखान के बीच काकड़ नर्रा में बदहाल पड़ा सडक मार्ग। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट काकड़ नर्रा में दो साल पहले भारी दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त सड़क में डामरीकरण न होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। लोग बदहाल मोटर मार्ग में खतरा उठाकर चलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने लोनिवि पर उपेक्षा का आरोप लगाया है।
बाराकोट ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह अधिकारी का कहना है कि करीब दो वर्ष पूर्व दैवी आपदा में बाराकोट-बर्दाखान मोटर मार्ग पर काकड़ नर्रा के पास करीब 300 मीटर सड़क खाई में समा गई थी। उस दौरान कई दिनों तक इस मोटर मार्ग से आवाजाही बंद रही। लोनिवि ने पहाड़ी काटकर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सड़क का निर्माण किया था। अब मार्ग को लावारिस हाल में छोड़ दिया है। बारिश में सड़क में कीचड़ होने से इसमें चलना दूभर हो जाता है और अन्य समय सड़क से उठने वाली धूल से लोगों का जीना मुश्किल बना हुआ है।
अधिकारी ने कहा कि कई बार लोनिवि को सड़क में डामरीकरण की मांग उठाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द सड़क पर डामरीकरण नहीं हुआ तो वे क्षेत्रीय जनता को साथ लेकर लोनिवि के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। इधर, लोनिवि के सहायक अभियंता राजेंद्र गिरी का कहना है कि सड़क सुधारीकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है, इसे अभी स्वीकृति नहीं मिली है।