लोहाघाट (चंपावत)। ऋषेश्वर मंदिर की नवनिर्मित धर्मशाला में कब्जे के प्रयास, बिजली का मीटर उखाड़ने और हाइवे पर चेन डालने का आरोप लगाकर आमरण अनशन पर बैठे स्वामी ऋषेश्वरानंद ने 13वें दिन आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। स्वामी ऋषेश्वरानंद के गुरु स्वामी मोहनानंद ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया।
स्वामी ऋषेश्वरानंद ने कहा कि उनके गुरु मोहनानंद का सम्मान बना रहना चाहिए, उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कतें न हो, समिति और क्षेत्र के सभी लोग मेल मिलाप से रहें। एसओ ने बताया कि अनशन समाप्त करते वक्त दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई। इसमें दोनों के बीच गलत फहमियों को आपस में बैठकर सुलझा लेने की बात कही गई।
स्वामी मोहनानंद ने बताया कि अनशन समाप्त कर स्वामी ऋषेश्वरानंद कानपुर आश्रम की ओर रवाना हो गए हैं। इस मौके पर तहसीलदार विजय गोस्वामी, एसओ मनीष खत्री, एसआई देवेंद्र मनराल, एसआई नवल किशोर, पटवारी राकेश पंगरिया, प्रहलाद सिंह मेहता, सचिन जोशी आदि रहे।
स्वामी मोहनानंद ने प्रशासन पर लगाया छल करने का आरोप
लोहाघाट (चंपावत)। स्वामी मोहनानंद ने प्रशासन पर उनके साथ छल करने का आरोप लगाया। स्वामी का कहना था कि सोमवार को मंदिर शुद्धिकरण कार्यक्रम के दौरान एसडीएम ने उनके आश्रम में बिजली का मीटर लगाने के साथ हाइवे में लगी चेन हटवाने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
स्वामी ने आरोप लगाया कि उनके आश्रम के लिए नगर पंचायत के बिजली के पोल से लाइट दी गई है, जो केवल रात में जल रही है। एसडीएम अनिल गर्ब्याल का कहना है कि बिजली मीटर लगवाने के लिए स्वामी से आवेदन पत्र देने के लिए कहा गया है। हाइवे पर लगी चेन के मामले में पुलिस की ओर से कार्यवाही की जाएगी।
अब 17 अगस्त को होगी मामले की सुनवाई
चंपावत। लोहाघाट के ऋषेश्वर मंदिर में मंदिर समिति और स्वामी को लेकर चल रहे विवाद के मामले में जिला न्यायालय में अब 17 अगस्त को सुनवाई की जाएगी। स्वामी मोहनानंद की ओर से सिविल न्यायालय में वाद दायर कर मंदिर और धर्मशाला का स्वामित्व प्रशासन को सौंपने की मांग की गई है।