बनबसा (चंपावत)। प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (ले.ज.) गुरमीत सिंह उपथलसेनाध्यक्ष रह चुके हैं। वह वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्हें युद्ध कौशल और भारतीय उपमहाद्वीप की सीमाओं की सुरक्षा का कुशल जानकार माना जाता है।
सेना में 40 वर्ष तक सेवा दे चुके ले.ज. गुरमीत परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अतिविशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजे गए हैं। वे वर्ष 1996 से 1999 तक यहां स्थित सेना छावनी में कार्यरत रहे हैं। तब वे भारतीय सेना की चार असम रेजिमेंट के कमान अधिकारी थे।
बताया जाता है कि इसी रेजिमेंट के वे उपकमान अधिकारी (टूआईसी) रहे और बाद में वे यहीं सीओ भी बने। गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद ने बताया कि एक सेनाधिकारी के उत्तराखंड का राज्यपाल बनने से राज्य में अनुशासन पूर्ण वातावरण बनेगा और नियोजित विकास संभव होगा।
समिति के उपाध्यक्ष कैप्टन हरीश कापड़ी ने कहा कि ले.ज. गुरमीत के उत्तराखंड के राज्यपाल बनने से राज्य की संवेदनशील सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था में और अधिक सुधार आएगा। गौरव सेनानी कल्याण समिति ले.ज. गुरमीत के उत्तराखंड का राज्यपाल बनने से सूबे के पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों में खुशी की लहर है।
नवनियुक्त राज्यपाल को आज भेजेंगे बधाई संदेश
बनबसा (चंपावत)। गौरव सेनानी कल्याण समिति बनबसा-टनकपुर के पदाधिकारी और सदस्य ले.ज. गुरमीत सिंह के राज्यपाल बनने पर रविवार को यहां बैठक कर उन्हें बधाई संदेश भिजवाएंगे। समिति के अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद ने गौरव सेनानी कल्याण समिति पदाधिकारियों और सदस्यों ने अधिकतम संख्या में रविवार को सुबह 10 बजे यहां मुख्य बाजार स्थित चौराहे पर एकत्र होने की अपील की है।