बनबसा (चंपावत)। नेपाल के चांदनी में बनने वाले सूखा बंदरगाह (ड्राइपोर्ट) को बनबसा हाईवे से जोड़ने के लिए एनएचएआई ने जमीन अधिग्रहण के लिए पिलर लगाने का काम लगभग पूरा कर लिया है।
एनएचएआई की अभियंता और उपप्रबंधक मीनू ने बताया कि जगबूड़ा पुल के पास करीब 350 मीटर और बीच में 50 मीटर तक पिलर लगाए जाने हैं। इसके बाद ग्रामीणों को उनकी भूमि का मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा सर्किल रेट के मुताबिक दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जगबूड़ा पुल के पास से बनने वाली सड़क के लिए 60 मीटर चौड़ी और करीब चार किमी (3.86 किमी) भारत नेपाल सीमा तक भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
देवीपुरा के ग्रामीण जगत सिंह मिताड़ी, गोपाल सिंह मिताड़ी, डूंगर सिंह, जवाहर सिंह, सुरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, आनंद सिंह जेठी, विक्रम सिंह आदि ने बताया कि उनकी भूमि समेत दो कच्चे, एक पक्का भवन भी अधिग्रहण की जद में आ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन और एनएचएआई के किसी भी अधिकारी ने मुआवजे के लिए उनसे संपर्क नहीं किया है।
सूखा बंदरगाह भी बनेगा, चांदनी में बनेगी चौकी
बनबसा (चंपावत)। वर्ष 2016 में नेपाल में चले मधेशी आंदोलन के दौरान हुए नाकाबंदी से विदेशों से नेपाल के लिए भारतीय समुद्र मार्ग तक आने वाला सामान नेपाल नहीं पहुंच पा रहा था।
बनबसा से लगे नेपाल के कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर में मधेशियों का असर न होने से बनबसा सीमा से नेपाल को आवागमन और सामान की खेप पहुंच रही थी। तब नेपाल सरकार ने बनबसा सीमा के गांव चांदनी में सूखा बंदरगाह बनाने की योजना बनाई।
भारतीय बंदरगाह में नेपाल का पहुंचने वाला सामान बनबसा के रास्ते चांदनी सूखा बंदरगाह से नेपाल को भेजा जाएगा। नेपाल ने अपने यहां पुल का निर्माण कर लिया है। जल्द ही सूखा बंदरगाह भी बनने वाला है। नेपाल के चांदनी से लगे भारतीय क्षेत्र में भारतीय संयुक्त जांच चौकी बननी है।