लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड लोहाघाट के नेपाल सीमा से लगे ग्राम सभा किमतोली के क्वैराली तोक में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। यहां के लोगों की पूरी निर्भरता एकमात्र हैंडपंप पर टिकी हुई है। गर्मियों के दिनों में जल स्तर काफी कम होने के चलते हैंडपंप से पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में ग्रामीण गाड़ गधेरों के पानी से प्यास बुझाने के लिए मजबूर रहते हैं।
ग्रामीण शांति देवी, आशा देवी, ललिता देवी, ज्योति देवी, पूजा देवी, लक्ष्मी देवी आदि लोगों का कहना है कि क्वैराली तोक में अनुसूचित जाति के करीब 25 परिवार रहते हैं। इनके लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण वर्षों पूर्व लगे हैंडपंप से प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। उनका कहना है हिक कई बार उनके तोक के लिए पेयजल योजना बनाने की मांग के बावजूद अभी तक उनकी समस्या पर किसी ने गौर नहीं किया। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि जल जीवन मिशन में किमतोली पेयजल योजना प्रस्तावित है, जहां से क्वैराली तोक में पेयजल कनेक्शन का प्रस्ताव बनाया गया है।
आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की नहीं हो सकी मरम्मत
चंपावत। अक्तूबर में आई भीषण आपदा के कारण भिंगराड़ा के खरही क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ था। लगभग छह माह बीतने के बाद भी अब तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी लोगों का दर्द बांटने नहीं पहुंचा है। सुध न लिए जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। खरही के सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने बताया की आपदा में लगभग 20 वर्ष पुरानी पेयजल लाइन पूरी तरह नष्ट हो जाने से खरही के ईजर, मल्ली खरही, तल्ली खरही के ग्रामीण काफी परेशान हैं। दीवान सिंह बोहरा, दीपक गोस्वामी, अनिल रावत, सूरज बिष्ट, संजय गहतोड़ी, किशोर शर्मा आदि ने बताया कि खरही क्षेत्र (नौगांव) के तल्ली खरही, मल्ली खरही, रौत्यूड़ा, ईजर, नाखुड़ा, बैजगांव, क्वैराली चौड़, द्यार चौड़ा आदि जगहों पर निजी और सरकारी संपत्ति को व्यापक नुकसान हुआ है। सबसे अधिक नुकसान खरही की समस्त पेयजल लाइनों को हुआ है। ईजर-खरही पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों ने समस्या का यथाशीघ्र समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।