स्वांला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मुआयना करते डीएम विनीत तोमर। अस्पताल के निरीक्षण में सिर्?
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चंपावत। स्वांला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की असलियत मंगलवार को डीएम विनीत तोमर के औचक मुआयने के दौरान सामने आई। अस्पताल में न डॉक्टर, न फार्मासिस्ट और नहीं स्वास्थ्य कार्यकर्ती मौजूद मिले। तीनों गायब। सिर्फ पूरा अस्पताल वार्डब्वाय खिलानंद जोशी के हवाले था। औचक निरीक्षण की जानकारी मिलने के बाद हरकत में आए सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने तीनों स्वास्थ्य कर्मियों का जवाब-तलब किया है।
एनएच पर स्वांला में बंद सड़क के मुआयने के बाद डीएम ने पीएचसी की ओर रूख किया, तो वहां के हालात देख दंग रह गए। डॉक्टर सहित अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार कर्मी वहां नहीं मिला। डीएम ने वार्डब्वाय से जरूरी पूछताछ कर अस्पताल की हकीकत जानी। अलबत्ता अभी उनकी ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं सीएमओ ने निरीक्षण में नदारद मिले प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह, फार्मासिस्ट सुरेंद्रनाथ और स्वास्थ्य कार्यकर्ता इंदु धपवाल को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही जांच के लिए एसीएमओ डॉ. श्वेता खर्कवाल को जांच अधिकारी बनाया है।
मैं राखी के दिन 22 अगस्त को टनकपुर गया था। अगले दिन 23 अगस्त को स्वांला के पास सड़क बंद होने से वापस आना पड़ा। इस कारण अस्पताल नहीं पहुंच सका। - डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वांला।