फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भोजनमाता नियुक्ति विवाद का निपटारा: भोजनमाता के रूप में हुआ अनुसूचित जाति की सुनीता देवी का चयन

Sat, 01 Jan 2022 10:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर (चंपावत)

सार

अनुसूचित जाति की सुनीता देवी का चयन भोजनमाता के लिए कर लिया गया। सीईओ आरसी पुरोहित ने कहा कि सुनीता देवी के नाम को औपचारिक अनुमोदन के लिए ब्लॉक शिक्षा कार्यालय भेजा जाएगा।
विज्ञापन
सूखीढांग जीआईसी में साल 2021 के अंतिम दिन सौहार्दपूर्ण तरीके से भोजन करते छात्र-छात्राएं। संवाद न्? - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वर्ष 2021 के अंतिम दिन शुक्रवार को सूखीढांग जीआईसी से अच्छी खबर है। यहां की भोजनमाता नियुक्ति विवाद का पटाक्षेप हो गया है। शिक्षाधिकारियों की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) और अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) की बैठक में अध्यक्ष नरेंद्र जोशी ने भोजनमाता के रूप में पुष्पा भट्ट का नाम रखा। इस पर सहमति नहीं बनने के कारण नियमों के तहत अनुसूचित जाति की सुनीता देवी का चयन भोजनमाता के लिए कर लिया गया। सीईओ आरसी पुरोहित ने कहा कि सुनीता देवी के नाम को औपचारिक अनुमोदन के लिए ब्लॉक शिक्षा कार्यालय भेजा जाएगा।

विज्ञापन


इससे पूर्व बैठक में शंकुलता देवी को हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया। शकुंतला को हटाए जाने की प्रक्रिया में तकनीकी खामी होने के कारण इसे ठीक करने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया। शकुंतला ने अक्तूबर में कार्य करने में असमर्थता जताते हुए प्रधानाचार्य को पत्र भेजा था। इसी के साथ अब भोजनमाता नियुक्ति विवाद का पटाक्षेप हो गया। डीईओ (प्रारंभिक शिक्षा) सत्यनारायण, बीईओ एमएन तिवारी, प्रधानाचार्य प्रेम सिंह ने कहा कि विवाद के निपटने के साथ ही अब शैक्षिक माहौल को बेहतर करने पर जोर दिया जाएगा। बैठक में ग्राम विकास अधिकारी रोहित कुमार, चल्थी चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट, एएनएम रीना राणा भी मौजूद थे।

बैठक में मौजूद थे ये सदस्य
पीटीए अध्यक्ष नरेंद्र जोशी, एसएमसी अध्यक्ष स्वरूप राम, प्रधान दीपक राम, रेखा तिवारी, विमला देवी, कमल राजन, उमेश कुमार, राजेंद्र प्रसाद, हयात सिंह, हरिओम, चंद्रमोहन मिश्र, हीराबल्लभ भट्ट, केशव दत्त भट्ट, अंजू चंद, महेश राम, निशा यादव, हरीश, प्रेम सिंह, रोहित कुमार, हरीश राम, प्रकाश राम।

विज्ञापन
विज्ञापन

हटाई गई भोजनमाता शकुंतला देवी ने एसडीएम को भेजा पत्र

11 अक्तूबर को 60 वर्ष पूरे करने का हवाला देकर स्कूल ने कार्यमुक्त की गई भोजनमाता शकुंतला देवी ने गलत ढंग से कार्यमुक्त करने के साथ हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में उन्होंने एसडीएम को शुक्रवार को भेजे पत्र में कहा कि हटाए जाने का प्रस्ताव न एसएमसी में पास हुआ और नहीं पीटीए की बैठक में। लिहाजा 11 अक्तूबर को प्रधानाचार्य की ओर से जारी आदेश को निरस्त किया जाए।

विवाद से बचने के लिए मैं अपना पक्ष प्रधानाचार्य को लिखित रूप से प्रस्तुत कर रहा हूं। स्कूल का वातावरण सौहार्दपूर्ण बनाने में मैं पूरा सहयोग करूंगा। साथ ही पूरी तरह से एसएमसी के निर्णय के साथ हूं। नियमानुसार सुनीता देवी का भोजनमाता के रूप में चयन होता है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मुझ पर लगाए गए आरोप या तो सुनीता देवी साबित करें या वापस लें। -नरेंद्र जोशी, अध्यक्ष, पीटीए, जीआईसी, सूखीढांग।

... मुकदमा वापस लेंगी सुनीता देवी
भोजनमाता नियुक्ति विवाद निपटने के साथ ही इसे लेकर चल रही मुकदमेबाजी भी वापस हो जाएगी। भोजनमाता सुनीता देवी ने कहा कि जातिगत टिप्पणी से ज्यादा नियुक्ति को फर्जी बताने से उनकी भावना आहत हुई। अब नियुक्ति के मामले के समाधान तक पहुंचने पर वे गुरुवार को दर्ज मुकदमा वापस लेंगी। इसे लेकर जल्द ही जरूरी औपचारिकता की जाएगी।

बता दें कि सुनीता देवी ने भोजनमाता विवाद के दौरान अभद्रता और जातीय भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए चल्थी चौकी में तहरीर दी थी। जिस पर छह (बीडीसी सदस्य दीपा जोशी, पीटीए अध्यक्ष नरेंद्र जोशी, महेश चौड़ाकोटी, बबलू गहतोड़ी, शंकर दत्त और सतीश चंद) लोगों के खिलाफ गुरुवार को एससी-एसटी अधिनियम और आईपीसी की धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि मुकदमा वापस लेने के दो तरीके हैं। पहला उच्च न्यायालय में आवेदन देकर प्राथमिकी को रद्द किया जाता है। दूसरा शपथ पत्र देने के बाद जिला अदालत में 164 के बयान के जरिये दर्ज मुकदमे को वापस लिया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें