सूखीढांग जीआईसी में दूसरी भोजनमाता की नियुक्ति शुक्रवार को होने की संभावना है। इसे लेकर स्कूल प्रबंध समिति की बैठक बुलाई गई है। बुधवार को भी एसएमसी की बैठक कोरम पूरा नहीं होने के कारण नहीं हो सकी थी। स्कूल में पढ़ाई और अन्य सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
प्रधानाचार्य प्रेम सिंह ने बताया कि छठी से आठवीं कक्षा तक के सभी छात्र-छात्रा साथ में भोजन कर रहे हैं। इसमें हर जाति के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। छात्र संख्या के हिसाब से यहां दो भोजनमाता रखे जाने का प्रावधान है, लेकिन फिलहाल एक ही भोजनमाता है। दूसरी भोजनमाता की नियुक्ति को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हुई थी।
नवंबर और दिसंबर में दो बार विज्ञप्ति निकाली गई। इनमें सुनीता देवी और पुष्पा भट्ट के नाम को लेकर विवाद हुआ। नियमों के मुताबिक एससी जाति की सुनीता देवी को भोजनमाता रखा जाना चाहिए। अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सुनीता देवी को तैनाती देने के निर्देश दिए। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने एफआईआर करने के निर्देश दिए थे।
विवाद की ये थी वजह
सूखीढांग जीआईसी में दूसरी भोजनमाता की नियुक्ति के लिए दो बार बैठक हुई। 15 नवंबर को हुई पहली बैठक में 11 आवेदन आए। पुष्पा भट्ट और सुनीता देवी के नाम में खींचतान रही। नियुक्ति के लिए चार दिसंबर को हुई दूसरी बैठक में चयन समिति ने सुनीता देवी का चयन किया। इसके विरोध में एक जाति विशेष के छात्र-छात्राओं ने भोजन नहीं खाया। विरोधस्वरूप 24 दिसंबर को दूसरी जाति के छात्रों ने पहले से तैनात सवर्ण भोजनमाता का बनाया खाना खाने से इंकार कर दिया। एमडीएम का बहिष्कार तो एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के नेतृत्व में गई प्रशासनिक टीम ने सुलझा दिया अब भोजनमाता के चयन पर मोहर लगनी है।