Discussion on tea, who will get a chamce to contest elections
लोहाघाट (चंपावत)। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर जहां आम आदमी पार्टी की ओर से लोहाघाट विधानसभा सीट से अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी गई है। वहीं भाजपा और कांग्रेस पार्टी की ओर से अपने पत्ते नहीं खोले जाने से लोगों में प्रत्याशियों के नामों को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। चाय के खोमचों या बाजारों में लोगों के बीच भाजपा और कांग्रेस पार्टी किसे टिकट (पर्चा) देगी इसको लेकर चर्चाएं जोर शोर से चल रही है। लोग दोनों ही पार्टियों से टिकट बदलने की बात कहकर अपने अपने तर्क दे रहे हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के दावेदारों की ओर से पूर्व में पूरे विधानसभा क्षेत्र में अपने-अपने पोस्टर लगाने की होड़ मची रही। भाजपा में जहां टिकट के लिए लोहाघाट विधानसभा सीट से विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के अलावा उद्योगपति नरेंद्र लडवाल, भाजपा प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य सतीश चंद्र पांडेय और पूर्व विधायक स्वर्गीय कृष्ण चंद्र पुनेठा के पुत्र मयंक पुनेठा की ओर से दावेदारी पेश की जा रही है। वहीं कांग्रेस से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व प्रत्याशी खुशाल सिंह अधिकारी और उत्तराखंड कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्य प्रशांत वर्मा की ओर से भी दावेदारी सामने आई है। टिकट के सभी दावेदार उन्हें टिकट मिलने की बात कह रहे है।
कई निर्दलीय प्रत्याशियों के चुनाव में उतरने की संभावनाएं
लोहाघाट (चंपावत)। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में कूदने की संभावनाएं हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में लोहाघाट सीट में एक हजार से कम अंतर से हार जीत हुई थी, जिसे देखते हुए निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी समीकरण गड़बड़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, गुमदेश क्षेत्र के पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़े प्रकाश सिंह धामी, चंद्रकांत, राजेंद्र पुनेठा, पाटी से धीरज लडवाल चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा कर चुके हैं।