चंपावत। आइए और प्रवेश लीजिए। न किसी तरह की कोई प्रवेश परीक्षा और न ही मेरिट की बाध्यता। ये किसी निजी शिक्षण संस्थान का विज्ञापन नहीं है, बल्कि चंपावत के राजकीय पॉलीटेक्निक का सच है। इस तकनीकी संस्थान में काउंसलिंग के बावजूद प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वालों की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम (30 के सापेक्ष सिर्फ दो) है। ये हाल भी तब है, जब पॉलीटेक्निक की संयुक्त अभियांत्रिकी परीक्षा (जीप) के रैंकधारियों के अलावा सिर्फ हाईस्कूल पास अभ्यर्थियों के लिए भी प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
तीनों ऑनलाइन काउंसलिंग के बावजूद चंपावत पॉलीटेक्निक के अकेले ट्रेड इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन के लिए सिर्फ दो विद्यार्थियों की आमद हुई है। शेष 28 सीटों को भरने के लिए चंपावत पॉलीटेक्निक में अब छह अक्तूबर से तीन दिन तक ऑफलाइन काउंसलिंग की जाएगी। इसमें आवेदन न करने वालों को भी दाखिला दिया जाएगा। इस काउंसलिंग में हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अभी चंपावत पॉलीटेक्निकके दूसरे और तीसरे वर्ष में 18 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
दूसरे ट्रेड के संचालन में आड़े आ रहा किराये का भवन
चंपावत। वर्ष 2014 में खुला चंपावत राजकीय पॉलीटेक्निक नगर पालिका के किराये के भवन में चल रहा है। यहां दो ट्रेड स्वीकृत हैं लेकिन चल एक ही रहा है। जगह की कमी से दूसरा ट्रेड इलेक्ट्रिकल शुरू नहीं हो पा रहा है। प्राचार्य का कहना है कि किराये के इस भवन में दो ट्रेड मुमकिन नहीं हैं।
राज्य स्थापना दिवस तक अपने भवन में जाएगा पॉलीटेक्निक
चंपावत। राजकीय पॉलीटेक्निक के भवन का काम पिछले पांच वर्ष से चल रहा है, लेकिन निर्माण की धीमी गति से काम वर्ष 2019 के निर्धारित समय तक पूरा नहीं हो सका। कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के एई पुष्पेंद्र वर्मा का कहना है कि 529 लाख रुपये से निर्मित इस भवन का छिटपुट फिनिशिंग काम बाकी है। प्राचार्य रोहित जोशी का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने इस माह के आखिर तक भवन पूरा कर हस्तांतरित करने की बात कही है। इसके बाद राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर से पहले पॉलीटेक्निक अपने भवन में संचालित होगा।
ऑनलाइन काउंसलिंग में केवल दो विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। अब बकाया 28 सीटों को भरने के लिए आवेदन न करने वाले हाईस्कूल पास छात्र-छात्राओं को भी मौका दिया जा रहा है। छह अक्तूबर से तीन दिन तक पॉलीटेक्निक परिसर में काउंसलिंग होगी। 13 अक्तूबर तक प्रवेश सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
- रोहित जोशी, प्राचार्य, राजकीय पॉलीटेक्निक, चंपावत।