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एनएच पर बन रहा चल्थी पुल धराशायी

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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्षतिग्रस्त चल्थी का निर्माणाधीन पुल। फोटो: संवाद न्यू? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बारहमासी सड़क का निर्माणाधीन चल्थी पुल मूसलाधार बारिश की भेंट चढ़ गया है। मंगलवार तड़के इस निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा टूट गया है। तड़के का समय होने के कारण घटना के समय वहां कोई नहीं था। इस कारण किसी तरह की जन क्षति होने से बाल-बाल बच गई।
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आपदा नियंत्रण विभाग के मुताबिक नगर से 39 किमी दूर एनएच पर लधिया नदी पर निर्माणाधीन चल्थी पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। इस पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2019 से चल रहा था। लोनिवि एनएच खंड के अधिकारियों का कहना है कि पुल में खंभों सहित 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया था और इस साल दिसंबर तक इसे पूरा कर लिया जाना था लेकिन पुल के टूटने से न केवल अधिक रकम लगेगी, बल्कि अतिरिक्त समय भी लगेगा।
पुल की गुणवत्ता की जांच भी हुई थी
लेकिन अभी नहीं आई है जांच रिपोर्ट
चंपावत। बारहमासी सड़क के साथ निर्माणाधीन चल्थी पुल की गुणवत्ता की इस साल 24 मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जांच के भी आदेश दिए थे। डीएम विनीत तोमर ने जांच के लिए पिथौरागढ़ के एसई जेपी गुप्ता के नेतृत्व में तकनीकी जांच टीम गठित की थी। इस तीन सदस्यीय तकनीकी टीम ने एक माह पूर्व जांच तो पूरी कर ली, लेकिन नमूने परीक्षण की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 11 जगह बंद
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग मलबा आने से 11 जगह बंद है। यह सड़क सोमवार तड़के बाधित हुई थी। इस कारण मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी पूरी तरह आवाजाही ठप रही। इससे पहले रविवार को ही जिला प्रशासन ने एहतियातन आवाजाही पर रोक लगा दी थी।
सूखीढांग, चल्थी, स्वांला, धौन, बनलेख, मझेड़ा, भारतोली, बसान, च्यूरानी, लीसा डिपो और खोल्का में भारी मात्रा में मलबा आया। मूसलाधार बारिश की वजह से इन मार्गों पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। इस कारण इस रूट पर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, इसके बावजूद यहां से गुजरने की कोशिश करने वाले वाहनों को प्रशासन ने चंपावत में कोतवाली के पास और टनकपुर में ककरालीगेट पर ही वाहनों को रोका है। मलबे को हटाने संबंधी एनएच खंड और आपदा प्रबंधन विभाग के सारे प्रयास बारिश ने नाकाम कर दिए। डीएम विनीत तोमर और एसपी देवेंद्र पींचा ने भारी बारिश के कारण लोगों से बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी।
चंपावत जिले की बंद 13 ग्रामीण सड़कें
चंपावत-मंच-तामली, मंच-नीड़, रीठा-रमक, सिमलखेत-सिब्योली, थुवामौनी-बांसबस्वाड़ी, तिमलागूंठ-सिब्योलीगूंठ, धूनाघाट-भिंगराड़ा, गौड़ी-किमतोली, अमोड़ी-छतकोट, धौन-सल्ली, ककरालीगेट-ठुलीगाड़, डुंगराबोरा-चकसिलकोट, वालिग-गागर।
रोडवेज बस स्टेशन में सन्नाटा, दूसरे दिन भी नहीं चली कोई बस
चंपावत। रविवार शाम से हुई भारी बारिश से बसें नहीं चलीं। इससे रोडवेज स्टेशन और डिपो परिसर में सन्नाटा रहा। भारी बारिश ने रोडवेज के पहियों को भी जाम कर दिया। लगातार दूसरे दिन रोडवेज की एक भी बस का संचालन नहीं हो सका। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि सामान्य दिनों में रोडवेज की 16 बसों का संचालन होता था। इनमें देहरादून चार, दिल्ली पांच, हल्द्वानी दो, बरेली, नैनीताल, काशीपुर, ऋषिकेश, गुरुग्राम के लिए एक-एक बस चलाई जाती है, लेकिन दो दिन से इनमें से एक भी बस नहीं चली। पिछले दो दिनों में रोडवेज को पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
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