टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए निर्मित हो रही नहर। विज्ञप्ति
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टनकपुर (चंपावत)। शारदा नदी से नेपाल के लिए टनकपुर बैराज से नेपाल सीमा तक नहर निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। जनवरी पहले पखवाड़े में निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
नेपाल के साथ हुई संधि के तहत टनकपुर बैराज से नेपाल को जलापूर्ति के लिए 1200 मीटर लंबी नहर का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। निर्माणाधीन नहर से नेपाल को सिंचाई के लिए एक हजार क्यूसेक पानी दिया जाएगा। भारत-नेपाल के बीच वर्ष 1991 में हुई संधि के तहत भारत सरकार ने टनकपुर बैराज से नेपाल के मटेना गांव तक नहर का निर्माण करके देना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भारत सरकार ने करीब 20 साल पुरानी संधि की इस शर्त को पूरा करने के लिए नहर का निर्माण कार्य शुरू किया है। दिल्ली की ठेकेदार कंपनी एएनएस नहर का निर्माण कर रही है। नहर में पानी छोड़ने के लिए बैराज से करीब 150 मीटर उत्तर की ओर हेड रेगुलेटर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
जुलाई 2021 तक नहर का निर्माण पूरा होना था, लेकिन कोरोना महामारी ने नहर निर्माण कार्य में भी अवरोध पैदा किया। नोडल एजेंसी एनएचपीसी ने अब जनवरी पहले पखवाड़े तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नहर निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य 15 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए ठेकेदार कंपनी को तेजी के साथ निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राजीव सचदेवा, महाप्रबंधक, एनएचपीसी टनकपुर पावर स्टेशन बनबसा।