चंपावत। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से विभिन्न खाद्य योजनाओं में फर्जी और अपात्र राशनकार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक विभिन्न योजनाओं के 77 अपात्र लोगों ने अपने-अपने राशनकार्ड खाद्य आपूर्ति विभाग को समर्पित कर दिए हैं।
जिले में 59211 से अधिक परिवार अंत्योदय और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा तथा राज्य खाद्य सुरक्षा के तहत राशनकार्ड धारक हैं। इनमें कई अपात्र कार्डधारक हैं जो हर माह गरीबों को मिलने वाले मुफ्त और बहुत कम कीमत पर मिलने वाले राशन का लाभ ले रहे हैं। प्रभारी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी अनिल चन्याल के अनुसार शासन की ओर से गलत राशनकार्ड का लाभ ले रहे लाभार्थियों को 31 मई तक गलत राशन कार्ड का समर्पण करने की समय सीमा निर्धारित की है। इस अवधि में राशनकार्ड समर्पित करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। पहली जून से घर-घर जाकर सत्यापन अभियान शुरू होगा।
अब तक समर्पित किए गए राशनकार्ड
खाद्य योजना कुल अब तक समर्पित
अंत्योदय 5875 12
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा 29111 64
राज्य खाद्य सुरक्षा 24225 01
15 हजार से अधिक मासिक आय वाले लाभार्थी होंगे अपात्र
चंपावत। राशनकार्डों के सत्यापन के लिए एक जून से चलाए जाने वाले घर-घर सर्वे अभियान के दौरान 15 हजार रुपये से अधिक मासिक आय वाले लाभार्थियों को अपात्र घोषित किया जाएगा। इसके अलावा चौपहिया वाहन धारकों के राशनकार्ड भी निरस्त किए जाएंगे। संवाद
पीडीएस की दुकान के बाहर लिखा जाएगा लाभार्थियों का नाम
चंपावत। सर्वे अभियान के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में अंत्योदय और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चयनित लाभार्थियों का नाम और पता भी लिखा जाएगा जिससे सभी उपभोक्ता यह जान सकें कि कोई अपात्र व्यक्ति तो खाद्यान्न योजना का गलत लाभ तो नहीं उठा पा रहा है। संवाद