लोहाघाट(चंपावत)। नेपाल सीमा को बांटने वाली महाकाली नदी के तट पर स्थित नगरुघाट का मेला कार्तिक पूर्णिमा के दिन पर्व स्नान के साथ संपन्न हुआ। सीमावर्ती क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में झोड़ों का गायन कर भगवान नागार्जुन की आराधना की गई। सूर्योदय से पहले तड़के श्रद्धालुओं ने पर्व स्नान कर भगवान नागार्जुन के दर्शन किए।
बृहस्पतिवार देर रात सल्टा, बगोटी, जमरसों से देव रथ पहुंचे। सुनकुरी, लेटी, पासम, मजपीपल गांवों के देवरथ, जत्थे टार्च, लालटेन की रोशनी में मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने देवडांगरों को कंधों में बैठाकर मंदिर की परिक्रमा करवाई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष खुुशाल सिंह अधिकारी, सतीश चंद्र पांडेय, प्रशांत वर्मा, नवीन मुरारी, एलएम कुंवर, मोहित पाठक ने भी नागार्जुन देव का आशीर्वाद लिया। आयोजन समिति के अध्यक्ष जगदीश चंद्र कलौनी, मेला प्रभारी विक्रम सिंह सामंत, रमेश चंद, कमल बोहरा, सतीश पांडेय, बहादुर चंद, चंद्रकांत तिवारी आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।
मधुली हिट दगड़ पहाड़ जूंलौ, पहाड़ की ठंडी हवा, ठंडो पानी प्यूंलो...
लोहाघाट (चंपावत)। नगरुघाट मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। बृहस्पतिवार रात प्रदीप कुमार एंड पार्टी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। दल नायक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में आए कलाकारों ने देवी भगवती मैया दैंण है जाये वंदना से कार्यक्रमों की शुरुआत की। कलाकारों ने तेरी रंग्याली पिछौली कमू तेरी रंग्याली पिछौड़ी, हाय चवनी बूटा छाजि रै कमू जी रये, रूमझूमा जोग्याड़ा तिलै धारू बौला, मधुली हिट दगड़ पहाड़ जूंलौ, पहाड़ की ठंडी हवा, ठंडो पानी प्यूंलो, छमला बिलौरा हीरा को भैरोलो यती मोती सिरौला आदि गीतों का गायन किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकार पंकज, अजय, कनिष्क, मंजू, गौरव, विकास, भावना, अदिति, सुमन, नीतू आदि ने प्रस्तुतियों से वाहवाही लूटी।
मंदिर की परिक्रमा के साथ लधौनधुरा मेला संपन्न
चंपावत। लधौनधुरा मंदिर का दो दिनी मेला संपन्न हुआ। शुक्रवार रात भगवान शिव की शोभायात्रा खरही से लधौनधुरा मंदिर के लिए रवाना हुई। भोर की पहली किरण के साथ ही शोभायात्रा लधौनधुरा मंदिर पहुंची। शोभायात्रा और श्रद्धालुओं ने मंदिर की परिक्रमा की। शोभायात्रा के आगे छड़ीदार चल रहे थे। शोभायात्रा ने चांदनी रात में 12 किमी की खड़ी चढ़ाई का सफर पूरा किया। लधौनधुरा मंदिर पहुंचने के बाद शोभायात्रा ने परिक्रमा की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने लधौनधुरा मंदिर के दर्शन किए। शोभायात्रा में नाखुड़ा, बैजगांव, दुर्गानगर, राजकोट, क्वैराली, तल्ली-मल्ली खरही, लोहाघाट, चंपावत, बालातड़ी, भिंगराड़ा, बिरगुल, गोली आदि क्षेत्रों के सैकड़ों लोग चल रहे थे। बाद में शिव के डोले को बैजगांव ले जाया गया। शिव डोला अब सालभर बैजगांव में रहेगा और पंडित शंकरदत्त शर्मा इस अवधि में पुजारी रहेंगे। आयोजन में मेला कमेटी अध्यक्ष सूरज बोहरा, बीडीसी सदस्य अशोक भट्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना, राजेंद्र पुनेठा, दीपक शर्मा, बाला दत्त शर्मा, अशोक भट्ट आदि ने सहयोग किया।