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भोजनमाता विवाद प्रकरण: सुनीता को दो दिन में मिले तैनाती, नहीं तो होगी एफआईआर

Wed, 29 Dec 2021 12:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर (चंपावत)

सार

मुकेश कुमार ने कहा कि नियमों के बावजूद सुनीता की तैनाती नहीं किए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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सूखीढांग जीआईसी में भोजनमाता नियुक्ति विवाद प्रकरण में एससीएसटी आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार के - फोटो : CHAMPAWAT
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विस्तार
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उत्तराखंड अनुसूचित जति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सूखीढांग जीआईसी में दो दिन के भीतर अनुसूचित जाति की भोजनमाता सुनीता देवी को तैनात करने के शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए हैं। नियमों के बावजूद सुनीता की तैनाती नहीं किए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

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भोजन को खाने से इंकार नहीं किया जा सकता
कहा यह मामला एससी जाति के साथ नाइंसाफी का है। नियुक्ति प्रकरण को लेकर उपजे विवाद के बीच मंगलवार को उन्होंने भोजनमाता से मुलाकात कर इंसाफ का भरोसा दिलाया। सुनीता ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह इस पद के लिए पात्र है और उनसे कुछ दिन तक भोजनमाता का काम भी लिया गया, लेकिन फिर उन्हें कुछ लोगों के विरोध पर अपमानजनक तरीके से हटा दिया गया।

एससी आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ एससी होने की वजह से भोजनमाता द्वारा बनाए भोजन को खाने से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी बात की है। भोजनमाता को धमकाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके अलावा आयोग के पोर्टल में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। अध्यक्ष के साथ एससी आयोग के सदस्य सदस्य मन्नु महर, एससी संगठन के जिलाध्यक्ष मदन राम, मंडल अध्यक्ष पूरन मेहरा, प्रेम राम आदि मौजूद थे। शिक्षाधिकारी के अलावा तहसीलदार पिंकी आर्या और कोतवाल हरपाल सिंह ने मामले की जानकारी दी।
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आम आदमी पार्टी ने दिया दिल्ली में नौकरी का प्रस्ताव
आम आदमी पार्टी ने भोजनमाता विवाद के बीच सुनीता देवी को दिल्ली में नौकरी का प्रस्ताव दिया है। आप के चंपावत विधानसभा क्षेत्र प्रभारी मदन सिंह महर ने दिल्ली के परिवार एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम की ओर से नौकरी का ये प्रस्ताव दिया।

आज डीएम को सौंपी जा सकती है जांच रिपोर्ट
मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति भोजनमाता नियुक्ति प्रकरण में बुधवार को जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप सकता है। सोमवार को सीईओ और दो अन्य सदस्य एएमए राजेश कुमार और एपीडी विम्मी जोशी ने सूखीढांग जीआईसी जाकर मामले की जांच की। जीआईसी में भोजनमाता की तैनाती के लिए नवंबर और दिसंबर में दो बार विज्ञप्ति निकाली गई। भोजनमाता के लिए दो नामों पुष्पा भट्ट और सुनीता देवी के बीच विवाद की स्थिति बनी रही।

भोजनमाता के रूप में मेरे चयन का दो प्रतिनिधियों ने विरोध किया। उन्होंने ही छात्र-छात्राओं को भड़काया। साथ ही कहा कि एससी भोजनमाता की तैनाती होने पर सवर्ण छात्र-छात्राएं स्कूल का भोजन करने के बजाय घर से टिफिन लाएंगे।
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- सुनीता देवी, भोजनमाता, सूखीढांग

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