लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के बदहाल बाराकोट-ओखलंज सड़क पर डामरीकरण न होने पर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सड़क की बदहाली पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
ओखलंज के ग्राम प्रधान राकेश बोहरा और क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक भंडारी ने बताया कि करीब 25 वर्ष पुरानी बाराकोट-ओखलंज सड़क पर डामरीकरण नहीं हुआ है। इस सड़क पर कई जगह गड्ढे बने हैं। इनसे दुर्घटनाओं का खतरा है। पानी निकासी के लिए सड़क किनारे नालियां और कलमठ भी नहीं बने हैं। इससे बारिश का सारा पानी सड़क पर बहता रहता है। कई वाहन चालक जान हथेली पर रख वाहन चलाने के लिए मजबूर हैं। कहा कि लोनिवि के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार डामरीकरण की मांग की जा चुकी है, लेकिन ग्रामीणों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है।
जोर पकड़ती जा रही डामरीकरण की मांग
लोहाघाट (चंपावत)। करीब चार किमी लंबे बाराकोट-ओखलंज सड़क के डामरीकरण की मांग उठी है। राकेश बोहरा, दीपक भंडारी, हेम कालाकोटी, प्रेम राम, दीपक कुमार, उमेश प्रसाद, गोपाल सिंह, माया देवी, मोहनी देवी, पूजा देवी आदि ग्रामीणों का कहना है कि लोनिवि की ओर से प्रस्तावित बाराकोट-रामेश्वर सड़क पर केवल ओखलंज तक ही चार किमी लंबा मोटर मार्ग बनाया गया था। उसके बाद इस मार्ग को अधूरा छोड़ दिया गया। इस सड़क से ओखलंज, मिरतोली, कोठरा, च्यूरानी, पुनई, सिंगदा आदि गांवों के लोग आवाजाही करते हैं। कहा कि बाराकोट-रामेश्वर सड़क बनने से बर्दाखान, काकड़, बाराकोट, तड़ाग, गल्लागांव आदि स्थानों के ग्रामीणों को रामेश्वर पहुंचने में सहूलियत होगी।
बाराकोट-रामेश्वर मोटर मार्ग के डामरीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद डामरीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। - बीसी भंडारी, ईई, लोनिवि खंड, लोहाघाट।